आॅपरेशन बंद, तीन दिन में बिना सर्जरी के लिए डिस्चार्ज हुए 19 मरीज

अजय शर्मा

बिलासपुर। सिम्स में नर्सों की हड़ताल के कारण रूटीन आॅपरेशन बंद हैं। ऐसे में तीन दिन के अंदर सर्जरी की आवश्यकता वाले 19 मरीज बिना डिस्चार्ज हुए निजी अस्पताल चले गए। इसके अलावा आपातकालीन में रोजाना औसतन 250 की जगह 100 मरीज ही पहुंच रहे हैं।

नर्सों की हड़ताल 18 मई से चल रही है। इसके साथ ही सिम्स में रूटीन आॅपरेशन बंद हो गए थे। इसकी मुख्य वजह एक साथ 180 नर्सों का अनुपस्थित रहना है। शुरुआत में भर्ती मरीजों को कहा गया कि एक-दो दिन में आॅपरेशन शुरू कर दिया जाएगा। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नर्सिंग की छात्राओं को जिम्मेदारी दी गई। लेकिन वे कामकाज नहीं संभाल पाईं। इसको देखते हुए डॉक्टरों ने आॅपरेशन करने से मना कर दिया। इससे आॅपरेशन के इंतजार में भर्ती मरीजों की दिक्कत बढ़ने लगी। ऐसे मरीज एक-एक कर सिम्स से लामा हो रहे हैं। इसमें से ज्यादातर सर्जरी, आथोर्पेडिक और न्यूरो डिपार्टमेंट के हैं। इसकी तरह आपातकालीन वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या आधे से कम रह गई है।

गरीब मरीज हलाकान
आॅपरेशन बंद होने से सबसे ज्यादा प्रभावित गरीब मरीज हो रहे हैं। वे निजी अस्पताल में मोटी फीस देकर सर्जरी नहीं करा सकते। ऐसे तीन दर्जन से ज्यादा मरीज नर्सों की हड़ताल खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं।

अपनी मांगों पर अड़ीं नर्सें
हड़ताल में शामिल सिम्स की नर्स पपीहा भौमिक ने बताया कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल चलती रहेगी। इसकी वजह से सिम्स की व्यवस्था भी चरमरा गई है। फिर भी शासन नर्सों व मरीजों का सुध नहीं ले रहा है।आॅपरेशन करने के लिए अनुभवी नर्सों की आवश्यकता होती है। नर्सों के हड़ताल पर जाने से रूटीन आॅपरेशन बंद कर दिया गया है।

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