कृषि प्रधान राज्यों में तेजी से बढ़ रही है स्कूटर का प्रचालन

कृषि प्रधान राज्यों में तेजी से बढ़ रही है स्कूटर का प्रचालन

अहमदाबाद : भारतीय दोपहिया बाजार में स्कूटरों की लोकप्रियता में ग्रामीण और कस्बाई इलाकों का अहम योगदान रहेगा, क्योंकि वहां परिवारों के बीच स्कूटर पसंदीदा वाहन के तौर पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। स्कूटर ने कुछ समय से कुल दोपहिया उद्योग की वृद्धि की तुलना में अच्छी तेजी दर्ज की है और अब कंपनियों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों से स्कूटरों की बिक्री में वृद्धि की रफ्तार मजबूत हो रही है। दोपहिया वाहन उद्योग की दिग्गज होंडा मोटरसाइकिल ऐंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) जहां लगभग पांच साल पहले प्रत्येक नौ बाइक पर एक स्कूटर की बिक्री करती थी वहीं अब यह आंकड़ा प्रत्येक 7 मोटरसाइकल के लिए बढ़कर तीन स्कूटर हो गया।

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इस वित्त वर्ष के पहले 9 महीनों में स्कूटर बिक्री 18.5 प्रतिशत तक बढ़ी, जबकि कुल दोपहिया उद्योग के लिए बिक्री 11.5 प्रतिशत तक बढ़ी। आंकड़ों से खुलासा हुआ है कि पारंपरिक रूप से कृषि प्रधान राज्यों में स्कूटर की बिक्री में मोटरसाइकल के मुकाबले अच्छी तेजी आई है। स्कूटर एंट्री लेवल की बाइक्स (100-110 सीसी) की भागीदारी (चाहे यह शहरी क्षेत्र हो या ग्रामीण) में तेजी से सेंध लगा रहे हैं। इसका अंदाजा इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि कुल दोपहिया उद्योग के लिए इन सेगमेंटों के योगदान के बीच अंतर कम हो रहा है।

अप्रैल-दिसंबर 2017 के दौरान कुल दोपहिया बिक्री में स्कूटर का योगदान 33.7 प्रतिशत था जबकि 100-110 सीसी बाइक का योगदान 36.5 प्रतिशत था, जो महज 2.8 फीसदी का अंतर है। उद्योग के जानकारों का कहना है कि यह अंतर लगभाग 6 या 7 साल पहले 28-30 फीसदी के साथ काफी अधिक था।

दिसंबर 2017 तक 57.2 फीसदी की बाजार भागीदारी के साथ स्कूटर सेगमेंट में बाजार दिग्गज एचएमएसआई ने इस रुझान को जल्द भांप लिया और न सिर्फ 2017 के मध्य में ग्रामीण बाजार के लिए ऐक्टिवा पर आधारित किफायती मॉडल पर भी ध्यान बरकरार रखा जिसका 70 प्रतिशत सब-डीलर नेटवर्क वित्त वर्ष 2018 में ग्रामीण और कस्बाई बाजारों में दर्ज किया गया। ग्रामीण बाजारों में बिक्री एचएमएसआई के लिए 15 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है, जो लगभग पांच साल पहले की एक अंक की वृद्धि दर की तुलना में काफी अधिक है।

एचएमएसआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (बिक्री एवं विपणन) वाई एस गुलेरिया का कहना है, ‘स्कूटर हरेक परिवार में पुरुष और महिला दोनों के लिए यात्रा जरूरत पूरी करता है। कस्बाई और ग्रामीण इलाकों में महिलाओं द्वारा बड़ी तादाद में नौकरियां (शिक्षण, नर्सिंग आदि) करने की वजह से आवाजाही के साधन की जरूरत भी तेजी से बढ़ी है। इनमें से कई परिवार महंगे दोपहिया वाहन खरीदने में सक्षम नहीं हो सकते हैं, इसलिए स्कूटर उनके बीच एक पसंदीदा विकल्प बनकर उभरा है।’

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