छत्तीसगढ़

कोल खदान के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने खोला मोर्च

- 9 अगस्त से SECL गेट पर करेंगे प्रदर्शन

बिलासपुर।

कोल खदान के निजीकरण को लेकर AITUC के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सासंद रमेन्द्र कुमार ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रमेन्द्र कुमार ने गुरुवार से सरकार की नीतियों के खिलाफ SECL गेट के बाहर प्रदर्शन करने की बात कही।

रमेन्द्र कुमार का कहना है कि कोल खदान को निजी हाथों में सौंपने से कर्मचारियों का शोषण बढ़ेगा। उद्योगपति कम कर्मचारियों में ज्यादा उत्पादन का दबाव बनाएंगे। उन्होंने कहा कि कमर्शियल माइनिंग के फैसले से पूरा कोयला उद्योग बर्बाद हो जाएगा। सरकार के इस फैसले से सार्वजनिक उपक्रम नष्ट हो जाएंगे।

रमेन्द्र कुमार ने कहा कि कोल खदानों में मजदूरों का शोषण हो रहा है। सरकार ने मजदूरों की भर्ती सीमित कर दी है। इधर उत्पादन लक्ष्य बढ़ाने के चक्कर में मजदूरों की जिंदगी प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार सार्वजनिक कंपनियों को निजी हाथों में सौंपना चाहती है, लेकिन वे ऐसा नहीं होने देंगे। इसके लिए वे गुरुवार से सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन का आगाज करने जा रहा है।

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