छत्तीसगढ़

मरवाही विधानसभा में अर्चना पोर्ते के खिलाफ विरोध

- पहलवान ने कहा-करूंगा साठगांठ का खुलासा

मनमोहन पात्रे

बिलासपुर।

एक दिन पहले ही आदिवासी भाजपा नेता संतकुमार नेताम ने नाराजगी जाहिर करते हुए बयान दिया था कि भाजपा संगठन जोगी के खिलाफ हमेशा कमजोर प्रत्याशी उतारता है। लेकिन इस बार मरवाही विधानसभा के भाजपा नेताओं ने अर्चना पोर्ते को कमजोर प्रत्याशी बताकर विरोध करना शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं पूर्व भाजपा विधायकों ने तो निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान भी कर दिया है। वहीं जिला पंचायत उपाध्यक्ष मामले में कुछ भी बोलने से बच रही हैं। उनका कहना है कि संगठन का आदेश माना जाएगा। बावजूद इसके उनके समर्थकों ने अर्चना पोर्ते को नेता मानने से इंकार कर दिया है।

भाजपा ने 78 प्रत्याशियों के नाम का एलान कर दिया है। नाम एलान के साथ ही प्रत्याशियों का विरोध भी शूरु हो गया है। पाटन में बाहरी प्रत्याशी थोपे जाने को लेकर कार्यकर्ताओं का हंगामा अभी थमा भी नहीं था कि मरवाही में अर्चना पोर्ते का विरोध शुरू हो गया है। कई दिग्गज नेताओं ने तो संगठन के खिलाफ बगावत कर चुनावी मैदान में निर्देलीय उतरने का फैसला कर लिया है।

मरवाही में भाजपा ने पूर्व भाजपा नेता पुत्री अर्चना पोर्ते को मैदान में उतारा है। टिकट एलान के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं के बगावती तेवर नजर आ रहे हैं। पिछली बार विधानसभा में अमित जोगी से चुनाव हार चुकी समीरा पैकरा पूर्व विधायक पहलवान सिंह मरावी और मरवाही भाजपा मंडल पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। नाराज नेताओं के समर्थकों ने अर्चना के प्रचार से दूर रहने का एलान भी कर दिया है।

मिली भगत मे सीट को बनाया बकरा

पूर्व विधायक पहलवान सिंह ने बताया कि यदि अर्चना की जगह किसी दूसरे प्रत्याशी को मैदान में उतारा जाता तो मरवाही सीट भाजपा के खाते में होती। लेकिन जोगी और भाजपा के ब़ड़े नेताओं के बीच सांठगांठ में मरवाही की सीट को बलि का बकरा बना दिया गहा है। पहलवान सिंह ने बताया कि मरवाही से उनका नाम फायनल हो चुका था।

लेकिन जोगी के इशारे पर संगठन के आला नेताओं ने प्रत्याशी सूची से नाम काट दिया। पुख्ता जानकारी है कि जोगी ने मरवाही सीट के एवज में भाजपा को जिताने 90 विधानसभा सीट में त्रिकोणी संघर्ष करने का आश्वासन दिया है। यही कारण है कि कांग्रेसी वोट काटने के लिए पैराशूट नेता अर्चना पोर्ते को मैदान में उतारा गया। जबकि मरवाही विधानसभा क्षेत्र में अर्चना पोर्ते का अता पता नहीं था। जबकि अर्चना को कोई कार्यकर्ता नहीं जानता। ऐसे लोगों को सीधे टिकट मिलना मरवाही विधानसभाा की अपूर्ण क्षति है। पहलवान सिंह ने बताया कि जोगी मुझ से डरकर मरवाही चुनाव लड़नेेेे से इन्कार किया था। जैसे ही मेरा नाम कटा जोगी ने मरवाही से चुनाव लड़ने का एलान कर दिया।

युवा मोर्चा में नाराजगी..निर्दलीय प्रत्याशी उतारेंगे

मरवाही युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने अर्चना पोर्ते को टिकट मिलने का विरोध किया है। नाखुश युवा मोर्चा के नेताओं ने कहा कि चंदा कर अर्चना पोर्ते के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी उतारा जाएगा। मरवाही विधानसभा उत्तर और दक्षिण युवा मोर्चा पदाधिकारियों ने खुलकर तो नहीं बोला लेकिन संगठन के निर्णय को मानने से इंकार कर दिया है। युवा नेताओं ने कहा कि मेहनत की फसल को पैराशूट नेताओं को नहीं काटने देंगे। मरवाही विधानसभा के चारो मण्डल के युवा मोर्चा नेताओं ने कहा कि बैठक कर निर्णय लिया जाएगा कि मैदान में पूर्व प्रत्याशी समीरा पैकरा या पहलवान सिंह में किसी एक को मैदान में उतारेंगे।

मरवाही विधानसभा युवा मोर्चा अध्यक्ष आयुष मिश्रा ने बताया कि चारों मंडल अध्यक्षों में टिकट एलान के बाद खुशी की वजाय गहरी नाराजगी है। कार्यकर्ताओं ने अर्चना पोर्ते के समर्थन में काम नहीं करने का फैसला किया है। पैराशूट प्रत्याशी को कोई पसंद नहीं कर रहा है। कार्यकर्ताओं के बगैर चुनाव जीतना मुश्किल है। अर्चना ने 2 महीने पहले ही प्राथमिक सदस्यता ली है। संगठन ने टिकट भी दे दिया है। सालों से मेहनत करने वाले जमीनी कार्यकर्ताओं का अपमान है। पूर्व प्रत्याशी समीरा पैकरा और पूर्व विधायक पहलवान सिंह मरावी की जनता के बीच अच्छी पकड़ है। इनमें यदि किसी को टिकट मिलता तो भाजपा की जीत निश्चित थी।

डॉ. गंभीर लड़ सकते हैं निर्दलीय चुनाव

खबर मिल रही है कि डॉ गंभीर सिंह निर्दलीय होकर मैदान में उतरेंगे। बगावती तेवर के साथ भाजपा नेता ने स्थानीय स्तर पर राय मशविरा करना शुरू कर दिया है। जानकार इसके अलग अलग मायने निकाल रहें हैं। युवा नेताओं की माने तो जीतने वाले निर्दलीय उम्मीदवार को समर्थन करेंगे।

गोंड समाज में गहरी नाराजगी

टिकट एलान के बाद अर्चना पोर्ते को लेकर गोंड समाज के भाजपा नेताओं में गहरी नाराजगी है। ग्राम बदरोड़ी के सरपंच पति और भाजपा मोर्चा के आदिवासी अध्यक्ष रह चुके रेवत सिंह श्याम ने कहा कि अर्चना ने समाज को नजरअंदाज किया है। भाजपा में उनकी सक्रियता भी नहीं है। लगातार कांग्रेस के सम्पर्क में थी। भाजपा संगठन ने टिकट देकर गोंड समाज के साथ विश्वासघात किया है।

अर्चना ने कुछ दिन पहले भाजपा की सदस्यता ली है। अर्चना के खिलाफ चुनाव लड़ूंगा। ऐसे उम्मीदवार को आदिवासी समाज वोट नहीं करेगा। ग्राम पंचायत करहनी के सरपंच कोमल सिंह पोर्ते और भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता भी विरोध में नजर आ रहे हैं।

कार्यकर्ताओं को नहीं मनाएंगे लाल जी यादव मंडल अध्यक्ष मरवाही

मरवाही मंडल अध्यक्ष लालजी यादव अंदरूनी नाखुश दिखाई दे रहे हैं। उन्होने कहा कि कार्यकर्ता अपनी इच्छा अनुसार काम करेंगे। उन्हें मनाया नहीं जाएगा। वह सिर्फ संगठन और भाजपा को जानते हैं। पार्टी के इशारे में काम करेंगे।

पहलवान सिंह ने कहा मिलीभगत का करेंगे पर्दाफाश

पूर्व विधायक पहलवान सिंह ने कहा कि मीडिया के सामने कांग्रेस और भाजपा की मिलीभगत को उजागर करेंगे। उन्होने बताया कि हाल ही में अर्चना पोर्ते ने राहुल गांधी का कोटमी दौरे पर स्वागत किया था। दिग्विजय सिंह जब नर्मदा परिक्रमा के दौरान अमरकंटक आए थे तो अर्चना ने दिग्विजय सिंह का ना केवल स्वागत किया बल्कि टिकट के लिए दावेदारी भी की थी। इससे स्पष्ट होता है कि अर्चना को कांग्रेस को मजबूत और भाजपा को कमजोर बनाने टिकट दिया गया है। जल्द ही इसका खुलासा जनता और पत्रकारों के बीच करूंगा।

वोटिंंग में समीरा को बहुमत

समीरा पैकरा के समर्थकों ने बताया कि एक सप्ताह पहले प्रत्याशी चयन को लेकर बिलासपुर स्थित भाजपा कार्यालय में बैठक हुई थी। लोगों ने प्रत्याशी चयन को लेकर वोट भी डाला था। मरवाही विधानसभा के लिए कुल 43 लोगों ने वोटा डाला। गिनती के बाद बहुमत समीरा पैकरा को हासिल हुआ। कुल 43 में से 31 लोगों ने समीरा पैकरा के पक्ष में मतदान किया था।

बावजूद इसके समीरा को टिकट नहीं दिया जाना दुर्भाग्य है। कार्यकर्ताओं ने बताया कि जोगी के खिलाफ समीरा ने लम्बी लड़ाई लड़ी। समाज के 90 प्रतिशत ने जोगी की जाति को लेकर समीरा का समर्थन किया। लेकिन संगठन ने समीरा के पर कतर दिए। इससे जाहिर होता है कि भारतीय जनता पार्टी के उच्च स्तरीय नेताओं और जोगी के बीच गहरी ताल्लुकात हैं।

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