छत्तीसगढ़

थाना प्रभारियों के तबादले के बाद राजनैतिक संगठनों ने किया विरोध

मुंगेली जिले में राजनैतिक सरगर्मियां तेज

मुंगेली: बिना किसी शिकायत के बावजूद मुंगेली कोतवाली में पदस्थ थाना प्रभारी आशीष अरोरा के स्थानांतरण का विभिन्न राजनैतिक संगठनों द्वारा विरोध किया जा रहा है कांग्रेस, भाजपा के कुछ पदाधिकारियों ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट कर इसकी शिकायत की।

बता दें कि जून 2018 में पदस्थ मुंगेली कोतवाली प्रभारी को पहले जरहागांव थाने में पदस्थ किया गया लेकिन चार दिनों में मुंगेली कोतवाली क्षेत्र में जातीय संघर्ष की स्थिति बनने के चलते आशीष अरोरा को मुंगेली कोतवाली पदस्थ कर यहां बिगड़े माहौल को निरीक्षक आशीष अरोरा ने तत्परता से शांत कराया।

बता दें लंबे समय से मुंगेली कोतवाली भर नही जहा भी लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बनी वहा कोतवाली प्रभारी को भेज उनकी सूझ बूझ का उपयोग भी उनका उपयोग लिया गया, लेकिन एकाएक बिना किसी राजनैतिक विरोध ना ही कोई शिकायत उसके बावजूद कोतवाली प्रभारी को जिले के सबसे छोटे थाने में पदस्थ किये जाने को लेकर इसे विभागीय दुर्भावना या किसी और कारणों से जोड़ कर देखा जा रहा है।

बहरहाल मुंगेली जिले के विभिन्न राजनैतिक दलों के नेताओ ने आशीष अरोरा को सम्मानजनक जगह दिए जाने को लेकर मुंगेली, बिलासपुर व रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से मुलाकात की। इस संबंध में विभिन्न संगठनों द्वारा गृहमंत्री, मुख्यमंत्री से भी भेंट कर छत्तीसगढ़ राज्य के पहले शहीद गुण्डाधुर सम्मान से आवर्डेड आशीष अरोरा को उनके काबिलियत अनुरूप स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विभिन्न राजनैतिक दलों से जुड़े नेताओं द्वारा मांग की जाएगी साथ वर्तमान स्थानांतरण सूची में कुछ दागदार थानेदारों के भी विभागीय जांच, न्यायालय में मामलों के लंबित होने के बावजूद थाना प्रभारी से नवाजे जाने की शिकायत की जाएगी। दागदार प्रभारियों में फास्टरपुर चौकी में एक परिवार के सदस्यों को धारा 306 के झूठे मामले में फसाने का मामला अभी शिकायतों में लंबित है। पथरिया थाना अंतर्गत ग्राम धरदेइ के लगभग तीन वर्ष पूर्व आगजनी के झूठे मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी का प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। पिछले वर्ष निर्वाचन आयोग द्वारा एक उपनिरीक्षक को जिले से बाहर कर बिलासपुर स्थानांतरित कर दिए जाने के बाद भी अति महत्वाकांक्षी होने के कारण उसने पूनः मुंगेली जिले आकर थाना प्रभारी होने का दुस्साहस जुटाकर निर्वाचन आयोग के आदेशों की धज्जियां उड़ाई।

हालांकि अब कांग्रेसजनों द्वारा समय समय पर कसावट बने रहने के लिए थाना प्रभारी के स्थानांतरण करने का अधिकार मध्यप्रदेश जैसा पुलिस उपमहानिरीक्षक द्वारा किए जाने के संसोधन कराने की बात गृहमंत्रालय व मुख्यमंत्री से मिलकर करने की बात कांग्रेसी कह रहे हैं,ताकि जिले के भीतर कोई भी काबिल थानेदार किसी राजनैतिक अथवा विभागीय दुर्भावना का शिकार ना हो सके। फिलहाल मुंगेली जिला में आननफानन में किए गए थाना प्रभारियो के स्थानांतरण किए जाने से विभाग की जमकर किरकिरी हो रही है। विभिन्न राजनैतिक संगठनों द्वारा अकारण, औचित्यहीन स्थानांतरण का विरोध प्रदर्शन मुख्यमंत्री, गृहमंत्री व विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष कर रहे हैं। अब देखना ये है कि इन सब के बावजूद जिले की जनता क्या अपराध की गतिविधियों से पूर्णतया शांतिपूर्ण माहौल में रहने की स्थिति बरकरार रह पायेगी या नहीं।

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