यंग आर्म्स फाउंडेशन के बैनर तले ‘माइंड एंड सोल‘ सेमिनार आयोजित

लक्ष्य! सबसे बड़ा मोटिवेटर, खुद चुनें

रायपुर: जीवन दो तरह के लक्ष्य लाता है। सौंपे हुए और चुने हुए। स्वयं निर्मित लक्ष्य ही सबसे बड़ा मोटिवेटर है। इसे पाने व्यक्ति हर हर्डल को हॅंसी से पार कर लेता है। ध्यान व्यक्ति को बाहरी-भीतरी दोनों प्रकार की उूर्जा को बढ़ाने में सहायक होता है। यंग आर्म्स फाउंडेशन के बैनर तले योगिनी ध्यान और लॉफ लाइफ सेशन मंे ये बाते हैं लाइफ गाइड अरुणेश कुमार शर्मा ने कहीं।

आर्च ब्रिज के पास कारपोेरेट सेंटर में आयोजित ‘माइंड एंेड सोल‘ सेमिनार में लोगों ने मनोबल के मूल को समझा। अरुणेश कुमार शर्मा बताया कि मनोत्साह लक्ष्य के प्रति अटूट विश्वास है। इससे आप इंटरटेन भी होते हैं, और मोटिवेट भी। ध्यान हमें सामर्थ्य देता है।

उर्जा का संरक्षण संवर्धन करता है। हर व्यक्ति के लिए टारगेट बनाने और निभाने में ध्यान सहायक है। यह सबसे अपने लिए समय निकालकर सबसे जुड़ने का सर्वाेच्च माध्यम है। इस पूर्णतः निशुल्क सेमिनार में यंग आर्म्स की फागुन ने विशेष भूमिका निभाई। अधिक जानकारी के लिए ‘यार्म्स.इन‘ पर लॉगइन कर सकते हैं।

1
Back to top button