छत्तीसगढ़

‘शिक्षा में नवाचार’ के लिए सेमिनार आयोजित

हितेश दीक्षित

छुरा : खेलकूद, योग, विज्ञान प्रदर्शनी, आनंद मेला, सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं प्रत्येक क्षेत्र में नया आयाम गढ़ता हुआ संकुल केंद्र छुरा गरियाबंद जिला में अलग पहचान बना चुका है। जहां के बच्चों एवं शिक्षकों ने राज्य स्तर पर विशिष्ट उपलब्धि हासिल की है। इसी कड़ी में शिक्षा को नवाचारी गतिविधि के द्वारा बेहतर तरीके से बच्चों तक पहुंचाने हेतु एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन मॉडल शाला तुमगांव में किया गया।

मां शारदे की आराधना उपरांत सरस्वती वंदना एवं प्रेरक गीत से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। नई पहल करते हुए रावणाभाठा के प्रधान पाठक गैंदलाल ध्रुव के जन्मदिवस पर संकुल परिवार की ओर से धार्मिकता, शौर्य, विजय एवं उल्लास का प्रतीक शंख तथा कलम भेंटकर स्वस्थ, दीर्घायु जीवन की शुभकामना दी गई। कबाड़ से जुगाड़ के पर्याय शंकर यदु ने शून्य निवेश नवाचार पर अपना विचार रखा एवं शाला में खेल खेल के माध्यम से शिक्षा को मनोरंजक बनाने का प्रदर्शन किया। तत्पश्चात गैंद लाल ध्रुव ने बच्चों की मनः स्थिति को समझने और उनके अनुरूप शिक्षा देने की बात कहा। मीना यादव ने दृष्टांत के माध्यम से बताया कि उद्दंड बच्चों को सुधारने के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर अभूतपूर्व सुधार किया जा सकता है। प्रधान पाठक बुधराम मरकाम ने लक्ष्य लेकर चलने से कार्य में सफलता मिलने की बात कहा।

बीएस ध्रुव ने कहा कि कमजोर इच्छाये कमजोर परिणाम देती हैं, योग्यता के अनुरूप शत प्रतिशत देना चाहिए। शीला भक्त द्वारा बच्चों की अनियमित उपस्थिति को नियमित कैसे लाया जाए, इस पर विचार रखा गया। एसआर पंकज ने बताया कि एक बच्ची शाला आती थी लेकिन दिनभर खड़ी रहती थी जिसके मानसिकता को परख कर उसके अनुरूप माहौल तैयार करने से उसमें अनोखा परिवर्तन देखने को मिला। संकुल समन्वयक भारत साहू ने प्रत्येक विद्यालय को मॉडल शाला के रूप में विकसित करने हेतु प्रयास करने की बात कही। इसके लिए पालक से संपर्क स्थापित कर नियमित रूप से शालेय गतिविधियों में भागीदारी सुनिश्चित करना होगा। नवाचारी सेमिनार का संचालन शिक्षक अर्जुन धनंजय सिन्हा ने किया एवं विभिन्न समस्याओ का समाधान भी बताया। आभार प्रदर्शन प्रधानपाठक रामकृष्ण निषाद ने किया।

संकुल के शिक्षकों ने शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने हेतु आ रही समस्या एवं निदान हेतु विभिन्न प्रयासों पर विचार रखे। नवाचारी गतिविधि कैसे और सुगम तरीके से किया जा सकता है इसको प्रायोगिक रूप से जाना। सेमिनार में महत्वपूर्ण रूप से हेमलाल सेन, परमेश्वर नागेश, रोहित नेताम, शबीना नाज, हेमलाल साहू, लवन साहू, सुनीता देवांगन, गैंदलाल नेताम, केशव निषाद, गायत्री साहू, भुवनेश्वरी दीवान, लता साहू, टीकम सहित संकुल केंद्र छुरा के शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित थे।

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