नई शिक्षा नीति 2019 लागू करने की कवायद तेज, सरस्वती शिशु मंदिर में भव्य कार्यशाला आयोजित

- रवि सेन

बागबाहरा: देश मे नई शिक्षा नीति 2019 लागू करने की कवायद तेज हो गई है। सन 2014 में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद नई शिक्षा नीति लागू करने की मंशा से 2015 से ही राष्टब्यापी रायशुमारी, परिचर्चा, गोष्ठी, कार्यशाला आदि के माध्यम से सुझाव आमंत्रित करना प्रारंभ कर दिया था। राष्ट्रब्यापी रायशुमारी की श्रृंखला में ग्रीन केयर सोसायटी बागबाहरा द्वारा बहुप्रदेशीय विद्वानों की सहभागिता के साथ 9 – 11 – 2015 को सरस्वती शिशु मंदिर के सभागार में भव्य कार्यशाला का आयोजन किया गया ।

कार्यक्रम संयोजक ग्रीन केयर अध्यक्ष विश्वनाथ पाणिग्राही ने बताया कि सेवा निवृत्त प्राचार्य चंपा मोवले खरसिया की अध्यक्षता एवम सेवा निवृत्त प्राचार्य हरीश पांडेय के मार्गदर्शन में शिक्षा विदों, धर्माचार्य, सन्त, पत्रकार, इतिहासकार, साहित्यकार, समाज सेवी, कवि, नागरिक, पालक एवम विद्वान वक्ताओं ने बहुमूल्य सुझाव दिए जिसे हमने मूलतः 14 – 11 – 2015 को ही तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी को ईमेल से भेज दिया।

हमारा सौभाग्य रहा कि मंत्री महोदया स्मृति ईरानी ने हमारे कार्यशाला के सुझावों को रिस्पॉन्स देते हुये हमे ई मेल द्वारा कुछ निर्देश दिए। तदानुसार हमने कार्यशाला के सुझावों को केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय एवम 5 सदस्यी समिति के अध्यक्ष ( तत्कालीन ) टी एस आर सुब्रमण्यम को भेजा। हमारे इस आयोजन में महासमुन्द जिले के बिभिन स्थानों सहित, कवर्धा जिला, रायगढ़ जिला, तथा राजा खरियार ओडिशा, तथा चित्रकूट उत्तरप्रदेश से भी सहभागिता रही। इस तरह यह बहुप्रदेशीय विद्वानों के सुझावों का बहुमूल्य एवम मार्गदर्शी प्रस्तुतिकरण था।

हमारे परिचर्चा / कार्यशाला के कुछ प्रमुख सुझाव * पांचवी एवम आठवीं की परीक्षाएं पुनः शुरू हो * बस्तों का बोझ कम हो *ब्यवहारिक शिक्षा, चरित्र निर्माण, नैतिक, बौद्धिक, सैद्धांतिक, शारीरिक, आध्यात्मिक शिक्षा दी जावे *प्राथमिक शिक्षा जो कि नीव है, उसे सुदृढ़ किया जावे * प्राथमिक शाला से ही विद्वान शिक्षको की नियुक्ति हो *छात्र शिक्षक अनुपात 30:1 या उससे कम हो। * शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य न लिया जावे * प्रशिक्षणों के माध्य्म से शिक्षकों को पडेट रखा जावे *मध्यान्ह भोजन में गुणवत्ता युक्त पौष्टिक गरम भोजन दिया जावे *त्रिभाषा फार्मूला ( थ्री लैंग्वेज बेस ), स्पोर्ट बेस, हेल्थ बेस, ललित कला युक्त शिक्षा दी जावे। * छात्र की रुचि के अनुरूप शिक्षा, नवाचार, स्कील ओरिएंटेड, जॉब ओरिएंटेड, प्रतियोगी भावना युक्त * देश के हर विकासखंड में एक नवोदय स्कूल अथवा एक सेंट्रल स्कूल, या दोनों खोले जावें * प्राचीन शिक्षा पद्धति का भी समावेश हो। * पर्याप्त शिक्षण सामग्री, संसाधन, यथा लाइब्रेरी, भवन, खेल मैदान, बिजली, शुद्ध पेयजल, शौचालय की अनिवार्य ब्यवस्था हो।

शौचालय न होना लड़कियों की ड्राप आउट का बड़ा कारण है। * पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति प्रेम, स्वच्छता की क्रियात्मक शिक्षा दी जावे। कोर्स में शामिल कर अंक दिए जावें तथा मूल्यांकन में दर्शाया जावे * मानवीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा हो * 5 वर्ष तक मातृ भाषा में शिक्षा दी जावे। राष्ट्र भाषा एवम गणित पर विशेष ध्यान दिया जावे। * राष्ट्र भक्त पीढ़ी तैयार कर राष्ट्राय स्वाहा की भावना, मातृ भूमि के लिए समर्पण की भावना का संदेश युक्त शिक्षा दी जावे * एक विदेशी भाषा भी पढ़ाई जावे। * शिक्षा ऐसी हो कि भारत का छात्र विदेशों में भी प्रतिस्पर्धा में खरा उतरकर देश का नाम रोशन करे कार्यशाला में सुझाव / प्रस्ताव में रही भागीदारी चंपा मोवले सेवा निवृत प्राचार्य,

खरसिया * हरीश पांडेय ,सेवा निवृत्त प्राचार्य * श्रीवत्स कर, सेवा निवृत्त प्रधान पाठक * सी पी तिवारी, सेवा निवृत्त ब्याख़्याता * कोमल देव् आर्य, आर्ष ज्योति गुरुकुल, कोसरंगी * अनिल पुरोहित, सचिव, ब्यवस्थापक स. शिशु . म * प्रदीप शर्मा, पत्रकार * विष्णु महानन्द, पत्रकार * विजय कुमार शर्मा, शिक्षक एवम इतिहासकार * गोवर्धन लाल बघेल छत्तीसगढ़ी कवि, टेडी नारा गांजर * पंडित भागीरथी दुबे ,भगवताचार्य * पंडित जयवर्धन शास्त्री, भागवताचार्य, चित्रकूट उ प * परमानंद तांडी, शिक्षक, गोईमुंडी ,ओडिशा * सुहासिनी वर्मा , ईश्वरी विद्या मंदिर * पवित्रो यादव ,शिक्षक एवम जीवन विद्या * विष्णु प्रसाद तिवारी, कवर्धा * आर के साहू,

प्रधानाचार्य * विश्वनाथ पाणिग्राही इसी के साथ शमशेर सिंह राजपूत, चंद्रहास तिवारी, सृन्दर यादव, नीतीश कुमार साहू, गोपाल सोनवानी, सुभाष वर्मा, नंदकुमार चक्रधारी, दयाराम साहू चंद्रशेखर साहू, शोभा चंदेल , सरस्वती वर्मा, कविता साहू, सिम्मी दुबे, सीमा ठाकुर, शैल सोनी नीलू साहू, उर्वशी शर्मा, सुनीता गुप्ता, अनिमेष शर्मा, के सी साहू एवम पालको की गरिमामय उपस्थिति रही । पाणिग्राही ने प्रसन्नता ब्यक्त करते हुए कहा कि नई शिक्षा समिति के लिए गठित वर्तमान 9 सदस्यीय कमेटी के अध्यक्ष पूर्व इसरो प्रमुख के कस्तूरीरंगन ने नई शिक्षा नीति 2019 का 650 पेज का प्रारूप शासन को सौंपा है जिसमे हमारे विद्वान वक्ताओं द्वारा दिये गए सभी सुझाव परिलक्षित हो रहे हैं ,यह हमारे बागबाहरा के लिए गौरव की बात है।

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