राजधानी दिल्ली में आज से चार दिवसीय कृषि विज्ञान कांग्रेस का आयोजन

सम्मेलन में 17 देशों के लगभग 2,000 प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आज से चार दिवसीय कृषि विज्ञान कांग्रेस का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने का है। इस सम्मेलन में 17 देशों के लगभग 2,000 प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है।

इस कार्यक्रम में विशेष रूप से कृषि नवाचार के माध्यम से किसानों की स्थिति में बदलाव लाने पर बल दिया जाएगा। कृषि मंत्री राधामोहन सिंह यहां राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी (एनएएसएस), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) द्वारा पूसा परिसर में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे।

एनएएसएस के अध्यक्ष पंजाब सिंह ने संवाददाताओं को बताया, “कांग्रेस का विषय ‘कृषि रूपांतरण के लिए नवाचार’ है, जो सरकार के कृषि संकट को कम करने और आय बढ़ाने के जरिये किसानों के कल्याण करने के सारे प्रयासों के मौजूदा समय में बेहद अपेक्षित है।”

आईसीएआर के महानिदेशक त्रिलोचन महापात्र ने कहा कि यह कांग्रेस (सम्मेलन) कृषि-वैज्ञानिक समुदाय को समस्याओं पर चर्चा करने और एक नई रणनीति की योजना बनाने के लिए एकल मंच प्रदान करेगा। जो प्रधानमंत्री ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य तय कर रखा है।

उन्होंने कहा, “हमें फसलों और जानवरों के उत्पादन को बढ़ाना होगा। हमें अपने प्राकृतिक संसाधनों का भी कुशलता से इस्तेमाल करना होगा। जलवायु परिवर्तन की चुनौती के बावजूद ऐसा करना होगा और किसानों को बेहतर लाभ की प्राप्ति हो सके।”

यह कांग्रेस हर दो साल में एक बार आयोजित की जाती है जो कृषि क्षेत्र को न केवल देश की लगभग 50 प्रतिशत आबादी के लिए रोजगार और आजीविका सुरक्षा के मुख्य स्रोत के रूप में प्रदर्शित करेगी, बल्कि एक व्यावसायिक अवसर, सेवा प्रदाता, उद्योग और पारिस्थितिकी तंत्र के रक्षक के रूप में भी प्रदर्शित करेगा।

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