राम की नगरी में धर्म सभा का आयोजन, सुरक्षा के तगड़े बंदोबस्त

शनिवार से ही साधु-संतों और रामभक्तों के आने का सिलसिला जारी

अयोध्या। अयोध्या एक बार फिर सियासी अखाड़ा बन गई है. शिवसेना प्रमुख शनिवार से रामनगरी में डेरा डाले हुए हैं.

भव्य राम मंदिर के निर्माण को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए विश्व हिंदू परिषद द्वारा रविवार को राम की नगरी में धर्म सभा का आयोजन किया जा रहा है.

धर्म सभा में शामिल होने के लिए शनिवार से ही साधु-संतों और रामभक्तों के आने का सिलसिला जारी है. माहौल को देखते हुए सुरक्षा के तगड़े बंदोबस्त किए गए हैं, ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे.

विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और बजरंग दल के हजारों कार्यकर्ता देश भर से बसों और ट्रेनों के जरिए अयोध्या पहुंच चुके हैं और सुबह 11 बजे होने वाली धर्म सभा में हिस्सा लेने के लिए कारसेवकपुरम के बड़े भक्तमल की बगिया में इकट्ठा हो रहे हैं.

माना जा रहा है कि इस सभा में आरएसएस के 1 लाख और वीएचपी के 1 लाख कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे. सिर्फ वाराणसी से 10000 बजरंगी (बजरंग दल) आयोध्या पहुंच रहे हैं.

वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय महासचिव सुरेंद्र जैन के मुताबिक रविवार को होने वाली धर्म सभा के बाद आरएसएस और वीएचपी के प्रतिनिधि सभी दलों के नेताओं से मुलाकात करना शुरू करेंगे और राम मंदिर पर कानून लाने के लिए समर्थन मांगेंगे.

प्रयाग में 31 जनवरी और 1 फरवरी को होने वाली धर्म सभा के समापन के बाद राम मंदिर निर्माण के लिए सभी शहरों के मंदिरों में प्रार्थना और यज्ञ का आयोजन होगा.

बड़ी संख्या में साधु-संतों और लाखों कार्यकर्ताओं के अयोध्या पहुंचने पर उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा बहुस्तरीय सुरक्षा की व्यवस्था की गई है, जिसमें 70 हजार पुलिस जवान तैनात किए गए हैं.

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