छत्तीसगढ़

“मोर मितान मोर संगवारी” कार्यक्रम के तहत पुरुष नसबंदी पखवाड़ा का आयोजन

दीपक वर्मा:

आरंग: छत्तीसगढ़ शासन के “मोर मितान मोर संगवारी” कार्यक्रम के तहत पुरुष नसबंदी पखवाड़ा का आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मीरा बघेल के मार्गदर्शन में किया गया।

प्रथम चरण के पुरुष नसबंदी कार्यक्रम 12 गांवों के 23 पुरुषों का एवं नसबंदी पखवाड़ा के द्वितीय चरण आरंग ब्लाक के 23 गांवों से 25 पुरुषों का नसबंदी शासकीय चिकित्सालय आरंग मुख्यालय में किया गया इनमे नंदकुमार, राजू साहू, गिरधर साहू, सुरेश ध्रुव, विजेंद्र साहू, उमेन्द्र यादव, सूर्यकान्त साहू, भूपेंद्र वर्मा, टुकेश्वर सेन, हरिशंकर साहू, रमेश पटेल, आनन्द मानिकपुरी, छन्नू यादव, चंद्रप्रकाश वर्मा, वासुदेव साहू, हेमन्त वर्मा, प्रकाश निषाद, अजय निषाद, भुनेश्वर साहू, चंद्रशेखर वर्मा, ईश्वर मेहर, विदेशी देवांगन, हेमन्त साहू, अश्वत यादव, लाला यादव सम्मिलित है। नसबंदी कार्यक्रम प्रभारी डॉ जी पी चंद्राकर , डॉ संजय नवल नसबंदी विशेषज्ञ के टीम में डॉ ए के तोडर व डॉ टी एल तोडर सम्मिलित रहे।

डॉक्टरों की टीम ने बताया कि पुरुष नसबंदी में पुरुष नसबंदी के दूसरे दिन ही कार्य में जा सकते है लेकिन महिला नसबंदी में महिलायें दस दिन आराम के बाद ही काम-काज संभाल सकती है। परिवार के मुखिया को सुविधा के दृष्टिकोण से इस विषय पर विचार अवश्य किया जाना चाहिये।

रायपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आरंग के ब्लाक चिकित्साधिकारी डॉ के एस राय ने बताया कि नसबंदी पखवाड़ा में प्रथम व द्वितीय चरण में कुल 48 पुरुषों का नसबंदी होने से जिले में आरंग सेंटर को प्रथम स्थान का सम्मान मिला है। आरंग ब्लाक के ग्राम गनौद व कोरासी के पुरुषों का इस कार्यक्रम के प्रति विशेष रूप से जागरूकता आया है। इससे स्वास्थ्य अधिकारी व कर्मचारी उत्साहित है।

पुरुष नसबंदी बहुत ही सरल

ग्रामीणों ने बताया कि पुरुष नसबंदी बहुत ही सरल है और कम समय भी लगता है। इसमें कोई तकलीफ नही है। महिला नसबंदी में महिलाओं को स्वास्थ्य में विशेष ध्यान रखना पड़ता है और घरेलू कार्य भी प्रभावित होता है। ग्रामीणों ने शासन से मांग की है कि पुरुष नसबंदी पखवाड़ा को आरंग में चार-चार माह के अंतराल में आयोजन किया जाना चाहिये।

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