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क्या पाकिस्तान के साथ क्रिकेट सीरीज ना खेलके आतंकवाद खत्म हुआ?- बिशन सिंह बेदी

क्या पाकिस्तान के साथ क्रिकेट सीरीज ना खेलके आतंकवाद खत्म हुआ?- बिशन सिंह बेदी

एक ओर जहां बीसीसीआई पाकिस्तान के साथ महिला क्रिकेट की भी द्विपक्षीय सीरीज खेलने से बचने के फॉर्मूले तलाश रही है वहीं दूसरी ओर भारत के पूर्व कप्तान बिशन सिंह बेदी ने दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंधों को बहाल करने की मांग की है. बेदी ने मानना है कि पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट संबंधों का राजनीतिकरण करके किसी को ‘देशभक्ति की परिभाषा संकुचित नहीं ’ करनी चाहिये.

बेदी ने बीसीसीआई को आड़े हाथों लेते हुए कहा ,‘ क्रिकेट का राजनीतिकरण क्यों किया जा रहा है.’ उन्होंने सवाल पूछा कि ‘क्या क्रिकेट नहीं खेलकर आतंकवाद का सफाया हो गया . क्रिकेट एक दूसरे के करीब आने का जरिया है.’ यह पूछने पर कि क्या मौजूदा परिदृश्य में देशभक्ति के मायने पाकिस्तान विरोधी होना ही हो गया है , बेदी ने कहा ,‘ यह सही नहीं है . यदि मैं पाकिस्तान के साथ क्रिकेट सीरीज की मांग कर रहा हूं तो मैं कोई भारत विरोधी बात नहीं कर रहा .

देशभक्ति की परिभाषा इतनी संकुचित नहीं की जानी चाहिये .’ बीसीसीआई के धुर विरोधी रहे बेदी ने कहा कि भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड से नियंत्रण शब्द हटा देना चाहिये क्योंकि यह तानाशाही का सूचक है .

बीसीसीआई की आलोचना करते हुए बेदी का कहना है कि भारतीय टीम जर्सी पर भारत का लोगो (तिरंगा) पहनती है , बीसीसीआई का लोगो नहीं . मेरी सोच एकदम स्पष्ट है . खिलाड़ी बीसीसीआई के लिये नहीं बल्कि भारत के लिये खेल रहे हैं . न्यूजीलैंड और आस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह है . इंग्लैंड का अपना है . पाकिस्तान और बांग्लादेश भी अपना राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह पहनते हैं .’ उन्होंने कहा ,‘ इसलिये नाम भारतीय क्रिकेट बोर्ड या क्रिकेट बोर्ड होना चाहिये .’

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