OTT प्लेटफॉर्म-सोशल मीडिया के लिए नए दिशा निर्देश जारी

तीन स्तर पर होगा कंटेंट रेग्युलेशन, जानिए फायदे और नुकसान

नईदिल्ली। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को सोशल मीडिया और ओवर-द-टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म के लिए कुछ दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नए दिशानिर्देशों की घोषणा की। इसके दायरे में फेसबुक, ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और नेटफ्लिकस, अमेजन प्राइम, हॉटस्टार जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स आएंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स भारत में व्यापार करें उनका स्वागत है, लेकिन यह भी सच है कि सोशल मीडिया पर अभद्रता भी परोसी जा रही है। इसलिए गलत इस्तेमाल नहीं होने देंगे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म को आजादी के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी है, ओटीटी का सेंसर बोर्ड नहीं है, ओटीटी मालिकों से बातचीत हुई है। उन्हे खुद कुछ नियमों का पालन करना होगा।

ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए तीन स्तरीय व्यवस्था। सेल्फ रेग्युलेशन बनाने के लिए कहा।

– ओटीटी और डिजिटल मीडिया के लिए पंजीकरण तथा अस्वीकरण की जानकारी अनिवार्य कर दी गई है।
– पोस्ट हटाने पर यूजर को सूचना देगी होगी। साथ ही क्यों हटाई गई कंपनियों को बताना होगा।
– सोशल मीडिया को मीडिया की तरह ही नियमों का पालन करना होगा।
– सोशल मीडिया के नियम तीन महीने में लागू होंगे।
– सोशल मीडिया को इस बात का प्रबंध करना होगा कि यूजर्स के अकाउंट का वेरिफिकेशन कैसे किया जाए।
– हर महीने में शिकायत, कार्रवाई पर रिपोर्ट देनी होगी। सबसे पहले पोस्ट डालने वाले की जानकारी देनी होगी।
– 24 घंटे के अंदर आपत्तिजनक पोस्ट को हटाना होगा।
– चीफ कंप्लेन अधिकारी की नियुक्ति करनी होगी। नोडल अधिकारी की नियुक्ति भी करनी होगी।
– आपत्तिजनक कंटेंट को सबसे पहले किसने पोस्ट या शेयर किया इसकी जानकारी सरकार या न्यायालय द्वारा मांगे जाने पर देना आवश्यक होगा।
– शिकायत निवारण अधिकारी की नियुक्ति करना होगा। यह अधिकारी भारत में ही होना चाहिए। हर सोशल मीडिया कंपनी को इस बात का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा कि उनके

पास प्रतिमाह कितनी शिकायतें आईं और कितनों का निवारण किया गया।


– सोशल मीडिया के लिए तीन स्तरीय कैटेगरी बनेंगी। U, UA7, UA13 कैटेगरी होंगी।
– महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट होने की शिकायत मिलने पर 24 घंटे के भीतर हटाना होगा।
– सोशल मीडिया पर फेक न्यूज की भरमार है। सरकार को इनकी काफी शिकायतें मिली हैं। सोशल मीडिया का उपयोग नफरत फैलाने के लिए भी किया जा रहा है।
– सोशल मीडिया में दिखाई जा रही चीजें अभद्र।
– सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल पर भी शिकायत का भी फोरम मिलना चाहिए।
– हम सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल के खिलाफ हैं।
– सोशल मीडिया का इस्तेमाल आतंकी भी कर रहे हैं।
– फर्जी कंटेट डालने पर कार्रवाई होगी।

केंद्रीय मंत्री रवीशंकर प्रसाद ने कहा कि सोशल मीडिया को 2 श्रेणियों में बांटा गया है, एक इंटरमीडरी और दूसरा सिग्निफिकेंट सोशल ​मीडिया इंटरमीडरी। सिग्निफिकेंट सोशल ​मीडिया इंटरमीडरी पर अतिरिक्त कर्तव्य है, हम जल्दी इसके लिए यूजर संख्या का नोटिफिकेशन जारी करेंगे। प्रसाद ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स में यूजर्स के वॉलेंटरी वेरिफिकेशन मैकेनिज्म होना चाहिए।


प्रसाद ने बताया कि सोशल मीडिया के लिए बनाए गए कानूनों को 3 महीने के भीतर लागू किया जाएगा ताकि वे अपने तंत्र में सुधार कर सकें, बाकी नियमों को अधिसूचित किए जाने के दिन से लागू होगा। उन्होंने कहा कि भारत में हर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का स्वागत है लेकिन इसमें दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए। यदि कैपिटल हिल पर हमला होता है, तो सोशल मीडिया पुलिस कार्रवाई का समर्थन करता है लेकिन अगर लाल किले पर आक्रामक हमला होता है, तो आप दोहरे मानदंड अपनाते हैं। यह स्पष्ट रूप से अस्वीकार्य है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि आप किसी भी सोशल मीडिया यूजर के कंटेंट तक लोगों की पहुंच को सीमित करना चाहते हैं, तो आपको उसे कारण बताने और उसका पक्ष भी सुनना होगा।

संयुक्त प्रेस वार्ता में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि हमने ओटीटी प्लेटफार्म्स के लिए 3 स्टेयर मैकेनिज्म बनाने का निर्णय लिया है, ओटीटी और डिजिटल समाचार मीडिया को अपने विवरण का खुलासा करना होगा, हम पंजीकरण अनिवार्य नहीं कर रहे हैं, हम जानकारी मांग रहे हैं। जावड़ेकर ने कहा कि ओटीटी प्लेटफार्म्स और डिजिटल पोर्टल्स में शिकायत निवारण प्रणाली होनी चाहिए, ओटीटी प्लेटफार्म्स के लिए एक सेल्फ रेगुलेटिंग बॉडी होगी, जिसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के न्यायाधीश या इस श्रेणी के प्रतिष्ठित व्यक्ति करेंगे।

सूचना और प्रसारण मंत्री जावड़ेकर ने कहा कि इस मामले से निपटने के लिए सरकारी स्तर पर एक निगरानी तंत्र भी बनाया जाएगा, जिसमें तत्काल कार्रवाई की जरूरत है। जावड़ेकर ने कहा कि ओटीटी के लिए कंटेंट सेल्फ क्लासिफिकेशन होना चाहिए जिसमें 13+, 16+ और ए कैटेगरी होना चाहिए, पैरेंटल लॉक के साथ यह सुनिश्चित करने के लिए एक तंत्र होना चाहिए कि बच्चे यह न देखें।

ओटीटी (OTT) क्या है, कैसे काम करता है, फायदे और नुकसान

ओटीटी का मतलब या फुल फॉर्म over-the-top होता है, इसका तात्पर्य हुआ कि जब भी हम चाहते हैं, हमारे अलग-अलग डिवाइस, जैसे के मोबाइल, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी पर स्ट्रीमिंग करना चाहे, over-the-top के कारण यह आज संभव है । यह एक सुविधाजनक बहुत ही आसान सेवा है, जो पारंपरिक केबल या सेटेलाइट टीवी की आवश्यकता के बिना इंटरनेट पर टीवी और फिल्म सामग्री की नई वितरण विधि बन गई है । आसान भाषा में कहें तो OTT वह प्लेटफार्म है, जो वीडियो और म्यूजिक कंटेंट को इंटरनेट के माध्यम से हमारे सभी तरह के डिवाइस पर उपलब्ध कराते हैं ।

जैसे अगर हमें आज से कुछ सालों पहले तक कोई मूवी देखनी होती, तो हम उसे अपने टेलीविजन पर या सिनेमा हॉल में देख सकते थे, लेकिन आज वही मूवी हम अपने मोबाइल या स्मार्ट टीवी पर अपनी सुविधा के अनुसार, घर बैठे अलग-अलग तरह के ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आसानी से देख सकते हैं । ओटीटी प्लेटफार्म केबल, ब्रॉडकास्ट और सेटेलाइट टेलीविजन प्लेटफार्म, जो आमतौर पर वीडियो कंटेंट के कंट्रोलर और डिस्ट्रीब्यूटर हुआ करते थे, को बाईपास कर सभी तरह के वीडियो और म्यूजिक कंटेंट को सीधे यूजर तक इंटरनेट के माध्यम से पहुंचा देता है ।

ओटीटी (OTT) कैसे काम करता है?

तो अब हम यह जान गए हैं कि OTT वह प्लेटफार्म है, जो इंटरनेट के माध्यम से काम करता है मतलब इंटरनेट के माध्यम से हम ओटीटी प्लेटफॉर्म जैसे कि नेटफ्लिक्स, अमेजॉन प्राइम आदि का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन यह जानना भी इंपोर्टेंट है कि यह काम कैसे करता है। कैसे यह ओटीटी प्लेटफॉर्म हाई क्वालिटी के वीडियो कंटेंट को एक साथ या अलग अलग हजारों, लाखों यूजर्स तक पहुंचा पाते हैं।

ओटीटी प्लेटफॉर्म्स एक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हैं, जिसे कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क या CDN भी कहते हैं। इस टेक्नोलॉजी के तहत ओटीटी प्लेटफॉर्म्स दुनिया में कई जगह पर अपने यूजर्स की उपलब्धता के अनुसार अपना सरवर स्थापित करते हैं, जिससे दुनिया के अलग-अलग हिस्से के लोग अपने नजदीकी सर्वर से कंटेंट आसानी से देख पाते हैं।

OTT प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क टेक्नॉलॉजी के फायदे

ओटीटी प्लेटफॉर्म्स जिस क्वालिटी के साथ वीडियो कंटेंट हमारे स्मार्टफोन या स्मार्ट टीवी तक पहुंचा पाते हैं, उसमें CDN टेक्नोलॉजी का बहुत बड़ा योगदान है, CDN टेक्नोलॉजी के कुछ फायदे निम्न है-

कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क के तहत ओटीटी प्लेटफॉर्म अपना सरवर दुनिया में कई जगह पर लगाते हैं, जिसके कारण उनका कंटेंट यूजर तक जल्दी बिना बफर किए हुए पहुंच जाता है, मतलब लेटेंसी बहुत कम रह जाता है।

सीडीएन का एक और बड़ा फायदा यह है की अगर ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के किसी एक सर्वर लोकेशन पर कोई प्रॉब्लम आती है, तो उस एरिया के ही यूजर प्रभावित होंगे ना कि पूरी दुनिया के।

ओटीटी प्लेटफॉर्म्स आज फ्यूचर को समझ चुके हैं, और वह अपने यूजर्स को अच्छा एक्सपीरियंस देने के लिए सारे मॉडर्न टेक्नोलॉजी का यूज कर रहे हैं। उसी के तहत आज लगभग सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ टाई उप करते हैं, और अपना कंटेंट उनके सर्वर पर डालते हैं, जिससे यूजर को वह कंटेंट सीधे इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के पास से ही मिल जाता है, ना कि ओटीटी प्लेटफॉर्म के किसी दूर के सर्वर से। जिसके कारण अगर कोई पॉपुलर शो या मूवी एक साथ हजारों यूजर एक बार में ही देखें फिर भी यूजर्स को कोई परेशानी नहीं होती है।


इसीलिए कई लोग ओटीटी प्लेटफॉर्म को स्मार्ट प्लेटफार्म भी कहते हैं, कई और भी कारण है जिसके कारण आप ओटीटी प्लेटफॉर्म को स्मार्ट प्लेटफॉर्म कह सकते हैं-

आप ओटीटी प्लेटफॉर्म के कंटेंट को अपने स्मार्टफोन से लेकर, बड़े से बड़े स्मार्ट टीवी पर भी देख सकते हैं, आपके वीडियो प्लेइंग डिवाइस के अनुसार कंटेंट खुद को एडजस्ट कर लेता है।

यूजर का इंटरनेट स्पीड कैसा है के अनुसार भी कंटेंट यूजर तक पहुंचता है, ताकि कंटेंट बफर न करें, और यूजर स्मूथली वीडियो कंटेंट का मजा ले सके।
ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के पास इतना सारा कंटेंट कैसे होता है?

ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के पास बहुत सारा कंटेंट होता है, और इसके पीछे कारण है कि वह कंटेंट क्रिएटर से सीधा कंटेंट का राइट खरीद लेते हैं। इसके अलावा ओटीटी प्लेटफॉर्म एक्सक्लूसिव अपने प्लेटफार्म पर दिखलाने के लिए कई टीवी सीरीज और मूवी बनवाते भी हैं, कई ऐसे फेमस टीवी सीरीज हैं जिसके कारण नेटफ्लिक्स और अमेजॉन प्राइम को काफी फायदा हुआ है। जैसे अमेजॉन प्राइम पर आने वाले मिर्जापुर सीरीज ने अमेजॉन प्राइम को बहुत सारे नए सब्सक्राइबर दिए, वही नेटफ्लिक्स पर आने वाले सैक्रेड गेम्स ने भी नेटफ्लिक्स को काफी फायदा पहुंचाया ।

ओटीटी प्लेटफॉर्म्स कैसे कमाई कर पाते हैं?


सभी पॉपुलर ओटीटी प्लेटफार्म पर आप कोई भी कंटेंट बिना एडवर्टाइजमेंट के देख पाते हैं तो सवाल यह उठता है कि बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म्स जैसे कि अमेजॉन प्राइम या नेटफ्लिक्स कैसे कमाई कर पाते हैं? सभी बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म अपनी कमाई सब्सक्राइबर से जमा करते हैं, अगर आप इन प्लेटफार्म का सब्सक्रिप्शन लेना चाहे तो आपको मंथली या इयरली के हिसाब से पैसा पे करना होता है, और यही इन प्लेटफॉर्म्स के कमाई का जरिया है ।

सबसे ज्यादा फेमस top 10 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स

नेटफ्लिक्स
अमेजॉन प्राइम
डिजनी हॉटस्टार
एचबीओ नाउ
Sony Liv
Voot
Zee5
Alt Balaji
Jio Cinema
VIU
OTT के फायदे
ओटीटी आज अपने अनगिनत फायदों के कारण बहुत तेजी से प्रचलित होते जा रहा है, हर दिन इनके सब्सक्राइबर की संख्या बढ़ती जा रही है, OTT के कुछ प्रमुख एडवांटेज निम्न है-

किसी भी समय देखने की आजादी

ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आप कोई भी वीडियो कंटेंट अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी देख सकते हैं । जैसे कि अगर आपको कोई मूवी टीवी पर देखना हो तो आपको टीवी के प्रसारण टाइमिंग के अनुसार ही उस मूवी को देखना होगा, जबकि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आप अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय उस मूवी को देख सकते हैं।

बिना एडवर्टाइजमेंट के कंटेंट

ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आप कोई भी कंटेंट बिना एडवर्टाइजमेंट के देख पाते हैं, इससे यूजर्स को एक अच्छा एक्सपीरियंस मिलता है, और यूजर कोई भी वीडियो कंटेंट सीमित समय में देख पाते हैं। क्योंकि आप जानते हैं कि अगर आप टीवी पर कोई भी कंटेंट देखते हैं, तो आपको कंटेंट से ज्यादा एडवर्टाइजमेंट देखने में समय देना पड़ता है।

एक से ज्यादा बार देखने की आजादी

आप कोई भी वीडियो या म्यूजिक कंटेंट को ओवर द टॉप प्लेटफार्म पर जितनी बार चाहे देख सकते हैं। ऐसा नहीं होता है, कि आपने कोई कंटेंट एक बार देख लिया तो आप उसे फिर दोबारा नहीं देख सकते हैं। और साथ में यूजर्स को यह सुविधा भी मिलती है कि वह किसी मूवी को या टीवी सीरीज को जितनी बार में चाहे पूरा देखें, ऐसा नहीं होता है कि एक ही बार में उनको वह कंटेंट पूरा देखना पड़ेगा।

किसी भी डिवाइस पर देखने की आजादी

आप ओटीटी प्लेटफॉर्म कंटेंट का मजा अपने किसी भी डिवाइस पर ले सकते हैं, चाहे आप स्मार्टफोन पर ओटीटी कंटेंट देखना चाहे, या टेबलेट पर, या लैपटॉप पर, या पर्सनल कंप्यूटर पर, या स्मार्ट टीवी पर, सारे ऑप्शन आपको मिल जाते हैं।

कहीं से भी देखने की आजादी

आप ओटीटी प्लेटफॉर्म का कोई भी वीडियो कंटेंट दुनिया में कहीं भी बैठे हुए देख सकते हैं, बस आपके पास इंटरनेट की कनेक्टिविटी होनी चाहिए। यह हमें पुराने माध्यम जैसे टीवी और सिनेमा हॉल में एक ही जगह पर बैठकर वीडियो देखने की मजबूरी से हमें छुटकारा दिलाता है । हम अपनी सुविधा के अनुसार अपने सोफा पर, अपने सफर के दौरान, या अपने बेड से ही ओटीटी कंटेंट का मजा ले सकते हैं ।

बहुत तरह का कंटेंट

ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आप बहुत तरह का कंटेंट जैसे कि मूवी, टीवी शो, न्यूज़, स्पोर्ट्स, किड्स कंटेंट, सब कुछ एक प्लेटफार्म पर देख सकते हैं। यहां तक की आप आसानी से दूसरे देशों में प्रसारित होने वाले कंटेंट भी देख सकते हैं।

डाउनलोड करने की सुविधा

ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कंटेंट को हम अपने मोबाइल या टेबलेट पर ओटीटी एप्लीकेशन में डाउनलोड भी कर सकते हैं, इससे हम हैं उस कंटेंट को उस जगह पर भी देखने की सुविधा मिल जाती है, जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं होती है। जैसे अगर आप हवाई जहाज में यात्रा कर रहे हो, तो आप अपना मनपसंद वीडियो इन ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के एप्लीकेशन में डाउनलोड कर आराम से फ्लाइट के दौरान देख सकते हैं।

ओटीटी के नुकसान

ओटीटी अपने कई अच्छी बातों के कारण, आज लोगों की पुराने टीवी देखने के अंदाज को बहुत तेजी से बदलता जा रहा है, लेकिन अगर ओटीटी के कुछ कमियों की बात करें तो-

ओटीटी पर वीडियो कंटेंट्स देखने के लिए आपको ओटीटी प्लेटफॉर्म्स का सब्सक्रिप्शन लेना होता है, जो महंगा होता है।
इंटरनेट पर अच्छे क्वालिटी में वीडियो देखने के लिए आपको अच्छी स्पीड का इंटरनेट कनेक्शन लेना होता है। अगर आप ब्रॉडबैंड कनेक्शन लेते हैं, तो आपको मंथली कम से कम हजार रुपए अलग से खर्च करने होंगे।

सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर कंटेंट अलग-अलग तरह का रहता है, तो अगर आपने किसी OTT प्लेटफार्म का सब्सक्रिप्शन ले रखा है, और आपका मनपसंद मूवी या टीवी सीरीज किसी अन्य प्लेटफार्म पर आ रहा है, तो आपको फिर से नए ओटीटी प्लेटफॉर्म का सब्सक्रिप्शन लेना पड़ेगा, जिसके लिए आपको एक्स्ट्रा खर्च करना पड़ेगा।
स्लो इंटरनेट के साथ आप ओटीटी कंटेंट का मजा अच्छी तरह नहीं ले पाएंगे, या तो वीडियो बफर करने लगेगा या वीडियो का क्वालिटी बहुत ज्यादा गिर जाएगा।

OTT का भविष्य


ओटीटी दुनिया के सबसे तेजी से ग्रो कर रहे सेक्टर में से एक है, हर दिन हजारों कस्टमर अलग-अलग ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को सब्सक्राइब कर रहे हैं। आज कई लोग अपने नॉर्मल टीवी को छोड़ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर ही कंटेंट देख रहे हैं, कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन ने ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को और ज्यादा मजबूती थी और बहुत सारी नई मूवी और टीवी सीरीज ओटीटी प्लेटफॉर्म पर ही सीधे रिलीज किया गया। और अब यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि क्यों ना सिनेमा हॉल के साथ-साथ सभी मूवी को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी रिलीज किया जाए।

ओटीटी प्लेटफॉर्म के बारे में कुछ इंटरेस्टिंग बातें


नेटफ्लिक्स अमेरिका के साथ-साथ दुनिया का सबसे बड़ा OTT प्लेटफार्म है, पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा सब्सक्राइबर हैं, और उनमें सबसे ज्यादा अमेरिका से हैं।
भारत का सबसे बड़ा ओटीटी प्लेटफॉर्म डिजनी हॉटस्टार है और दूसरे नंबर पर अमेजॉन प्राइम है।
दुनिया भर में आज 100 से ज्यादा ओटीटी प्लेटफॉर्म चल रहे हैं जिनमें से 10 से ज्यादा बहुत ज्यादा फेमस हैं।
ओटीपी से जुड़ा अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म का कंटेंट अलग अलग होता है?


अलग-अलग ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आप अलग-अलग तरह के कंटेंट का मजा ले सकते हैं, किसी भी दो ओटीटी प्लेटफॉर्म पर लगभग कंटेंट अलग तरह का ही होता है, कुछ ही मूवी ऐसे होते हैं, जो आपको एक साथ दो या उससे ज्यादा ओटीटी प्लेटफॉर्म पर मिल जाए । और कुछ कंटेंट ऐसा होता है जो आपको उस ओटीटी प्लेटफॉर्म के अलावा कहीं और नहीं मिल सकता है।

क्या ओटीटी सिनेमा हॉल और टीवी के लिए खतरा है?


बहुत सारे लोगों का ऐसा मानना है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म टीवी और सिनेमा हॉल के लिए बहुत बड़ा खतरा है, और कई नए सिनेमा के सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो जाने के बाद उनका डर और बढ़ गया है, वही बहुत सारे लोगों का ऐसा मानना है, कि जो मजा मूवी सिनेमा हॉल में देखने में आता है वह ओटीटी प्लेटफॉर्म मोबाइल या टीवी पर ऑफर नहीं कर सकता है, इसलिए सिनेमा हॉल को घबराने की जरूरत नहीं है।

OTT ने कैसे बहुत सारे ने प्रतिभावान कलाकारों को उभरने का मौका दिया?


ओटीटी प्लेटफॉर्म्स में बहुत सारे छोटे कलाकारों को उभरने का मौका दिया, उनको अपना काम दिखलाने का मौका दिया, और इसीलिए बहुत सारे लोग ओटीटी को बहुत ज्यादा पसंद कर रहे हैं। ओटीटी ने आज कई ऐसे कलाकार दिए हैं, जो शायद मूवी ना मिलने के कारण गुमनामी के अंधेरे में ही रह जाते। जहां महीने में 2-4 मूवी रिलीज हुआ करता था, वही अब ओटीटी प्लेटफॉर्म के कारण महीने भर में कई टीवी सीरीज रिलीज हो रहे हैं, और साथ में बहुत ज्यादा मूवी भी।

मैं टीवी पर कैसे OTT देख सकता हूं?


अगर आपका टीवी स्मार्ट टीवी है, तो आप OTT प्लेटफार्म का ऐप डाउनलोड कर सकते हैं, और अलग-अलग OTT प्लेटफार्म का सब्सक्रिप्शन लेकर अपने टीवी पर OTT का मजा ले सकते हैं। लेकिन अगर आपका टीवी स्मार्ट टीवी नहीं है, तो भी आप अमेजॉन फायर स्टिक खरीद कर अपने टीवी को स्मार्ट टीवी बना सकते हैं, अमेजॉन फायर स्टिक की मदद से आप सारे ही OTT कंटेंट देख सकते हैं।

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