सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनेंगी हमारी बेटियां : डॉ. रमन सिंह

- मुख्यमंत्री ने किया महिला शक्ति केंद्र ’अस्मिता’ का लोकार्पण

रायपुर।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज जिला मुख्यालय राजनांदगांव में महिला शक्ति केन्द्र योजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि हमारी बेटियां सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनेंगी। शासन की योजनाएँ ग्रामीण महिलाओं तक पहुँचे, इसके लिए हमारे कॉलेज की बेटियाँ आगे आई हैं और स्वयं सेविकाएं बनकर अपना कुछ समय ग्रामीण क्षेत्रों में भी देंगी।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर महिला शक्ति केंद्र अस्मिता का लोकार्पण किया। डॉ. सिंह ने कहा कि इस केन्द्र में एक ही छत के नीचे महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी और सभी तरह की सुविधा मिलेंगी। इससे महिलाओं को शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में आसानी होगी। यह ऐतिहासिक अवसर है, मेरे सामने बैठी बेटियाँ ही सामाजिक परिवर्तन का बड़ा माध्यम बनेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा – प्रदेश के 11 आकांक्षी जिलों में महिला शक्ति केंद्र खुलने हैं। आज मैं इन बेटियों से मिला, उनमें गहरी सेवा भावना और ऊर्जा है। वे जागरूकता फैलाने के लिए बड़ा काम करेंगी। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 200 घंटे काम करने पर इन्हें 10 हजार रुपए मानदेय और सम्मान पत्र भी प्रदान किया जाएगा।

महिला शक्ति केंद्र में एक ही छत के नीचे न केवल महिलाएँ शासकीय योजनाओं का लाभ लेने आवेदन कर सकेंगी अपितु समयबद्ध तिथि में उनके आवेदन पर कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू ने कहा कि विकास के रथ का पहिया स्त्री और पुरुष दोनों की सहभागिता से आगे बढ़ता है।

बेटियाँ हर क्षेत्र में बहुत अच्छा काम कर रही हैं। बेटियों को आगे लाने शासन द्वारा विभिन्न योजनाएँ चलाई जा रही हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाये जा रहे बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ अभियान से बेटियों के प्रति दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। श्रीमती साहू ने कहा कि महिला शक्ति केंद्र के लोकार्पण के अवसर पर वे वालेंटियर बेटियों से मिलीं।

उन्होंने कहा कि वे वालेंटियर बनकर समाज में बदलाव की दिशा में अपना थोड़ा समय दे सकेंगी। इससे सेवा का सुख तो मिलेगा ही, बहुत बड़ी संख्या में महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा। यह बहुत शुभ भावना है और इस भावना को लेकर जब लड़कियाँ ग्रामीण क्षेत्र में जाएंगी तो इसका व्यापक असर देखने को मिलेगा। इस अवसर पर सचिव महिला एवं बाल विकास एम. गीता ने कहा कि महिला शक्ति केंद्र योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए हर ब्लॉक में 100 वालेंटियर चुने गए हैं। महिलाओं को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने महिला शक्ति केंद्र बहुत प्रभावी साबित होगा।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर कुपोषण से लड़ने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है और इस क्षेत्र में अच्छा काम कर रहे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी मित्र, सुपोषण मित्रों को भी सम्मानित किया जा रहा है। इसके प्रभावी परिणाम सामने आ रहे हैं।

कार्यक्रम में कलेक्टर भीम सिंह ने कहा कि जिले में कुपोषण से निपटने के लिए संवरता बचपन अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके लिए पंचायतों में कुपोषित बच्चों को दूध और अंडा जैसे पौष्टिक आहार भी दिए गए। उन्होंने कहा महिला शक्ति केंद्र योजना के क्रियान्वयन के लिए 800 वालेंटियर तैयार किए गए हैं। सिंगल विंडो सिस्टम में साफ्टवेयर के माध्यम से महिलाओं को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ इसके माध्यम से दिलाया जाएगा।

इस मौके पर सखी सेंटर से संबंधित कॉफी टेबल बुक और महिला शक्ति केंद्र से संबंधित दिशानिर्देशों की पुस्तिका का विमोचन भी अतिथियों ने किया। इस अवसर पर लोक सभा सांसद अभिषेक सिंह, विधायक सरोजनी बंजारे, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष छगन मुंदड़ा, राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रामजी भारती, राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष नीलू शर्मा, ऊर्दू अकादमी के अध्यक्ष अकरम कुरैशी, राज्य समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष शोभा सोनी, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के पूर्व अध्यक्ष लीलाराम भोजवानी, छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष अशोक शर्मा, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष सचिन बघेल, राजगामी संपदा न्यास के पूर्व अध्यक्ष संतोष अग्रवाल, जनपद अध्यक्ष सरिता कन्नौजे, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भरत वर्मा एवं दिनेश गांधी, संचालक महिला एवं बाल विकास राजेश सिंह राणा, एसपी कमलोचन कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में महिला स्व सहायता समूह की महिलाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, महाविद्यालयीन विद्यार्थियों और प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सुपोषण मित्रों, सरपंचों का हुआ सम्मान-

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कुपोषण दूर करने में अच्छा काम कर रहे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सुपोषण मित्रों एवं सरपंचों और दुर्ग, कोरिया में महिला पुलिस वालेंटियर के रूप में कार्य कर रही महिलाओं को सम्मानित किया।

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