विपक्ष के नेता पद की शान व प्रतिष्ठा बरकरार रहे, ऐसी हमारी इच्छा -शिवसेना

राज्य केपूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणनवीस पर निशाना साधा

मुंबई: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणनवीस पर निशाना साधते हुए शिवसेना के मुखपत्र सामना में लिखा है यह भारतीय जनता पार्टी का अंदरूनी मामला है कि किसे विपक्ष का नेता बनाएं अथवा किसे और क्या बनाएं, परंतु राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी की सरकार नहीं आई. वहां पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे विपक्ष की नेता की कुर्सी पर नहीं बैठीं.

संपादकीय में कहा गया, मुख्यमंत्री की हैसियत से देवेंद्र फडणवीस ने जो गलतियां कीं वह विरोधी पक्ष नेता के रूप में तो उन्हें नहीं करनी चाहिए. विपक्ष के नेता पद की शान व प्रतिष्ठा बरकरार रहे, ऐसी हमारी इच्छा है.

‘मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की भाजपा सरकार पराजित हुई. वहां भी बलशाली माने जानेवाले शिवराज सिंह चौहान विपक्ष के नेता नहीं बने तथा पार्टी के अन्य नेता ने यह पद संभाला. जबकि महाराष्ट्र में दिल्लीवाले ‘फडणवीस ही फडणवीस’ कर रहे हैं. ‘

संपादकीय में कहा गया, ‘बहुमत न होने के बाद भी महाराष्ट्र को अंधेरे में रखकर अवैध ढंग से शपथ लेनेवाले मुख्यमंत्री तथा विधानसभा का सामना किए बिना 80 घंटों में चले जानेवाले मुख्यमंत्री ऐसा आपका इतिहास में नाम दर्ज हो चुका है, इसे याद रखो. ये कलंक मिटाना होगा तो विपक्ष के नेता के रूप में वैध काम करें.’

विधानसभा अध्यक्ष पद पर नाना पटोले की नियुक्ति तो सबसे बड़ा तमाचा है. प्रधानमंत्री मोदी के विरोध में बगावत करके सांसद के पद से इस्तीफा देनेवाले पहले भाजपाई क्रांतिवीर के रूप में नाना पटोले का नाम दर्ज है. विधानसभा में भी वे जीत गए और अब विधानसभा के अध्यक्ष बन गए.

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