हमारी सरकार ने किया सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला : पीएम मोदी

विपक्षी पार्टियों को महामिलावटी शब्दों से किया संबोधित

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज गुरुवार से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में तीन जन-सभाओं को संबोधित कर आगामी लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार प्रसार अभियान की शुरुआत कर रहे हैं.

इस दौरान मेरठ में रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि देश के लोग मन बना चुके हैं, देश में एक बार फिर मोदी सरकार बनने जा रही है. उन्होंने कहा, ‘जिसे भी 2019 का जनादेश को देखना हो वह मेरठ के इस जनसैलाब को देख सकता है. भारत के 130 करोड़ लोग मन बना चुकें हैं कि 2019 में फिर एक बार मोदी सरकार बनने जा रही है.’

मोदी के भाषण की बड़ी बातें-

मैं किसी तरह का बोझ नहीं रखता, क्योंकि मेरे पास अपना कुछ नहीं, जो कुछ है वो देश का दिया है. चिंता तो उसको होती है जो खोने से डरता है, जिन्हें वंश और विरासत का सोचना है.

मैं देश के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगाने के लिए तैयार रहने वाला व्यक्ति हूं. कोई भी राजनीतिक दबाव, कोई भी अंतरराष्ट्रीय दबाव, आपके इस चौकीदार को डिगा नहीं पाएगा और न कोई डरा पाएगा.

सारे महामिलावटी लोग, कौन पाकिस्तान में ज्यादा पॉपुलर होगा इस प्रतिस्पर्धा में लगे हैं. वहां की मीडिया में छाए हुए हैं. आपको तय करना है कि आपको हिंदुस्तान के हीरो चाहिए या पाकिस्तान के?.

मैं देशवासियों से पूछना चाहता हूं कि हमें सबूत चाहिए या सपूत. मेरे देश के सपूत यही मेरे देश के सबसे बड़े सबूत हैं. जो सबूत मांगते हैं, वो सपूत को ललकारते हैं.

आज स्थिति ये है कि कुछ दिन पहले जो चौकीदार को चुनौती देते फिरते थे वो आज रोते फिरते हैं. मोदी ने पाकिस्तान को घर में घुसकर क्यों मारा, आतंकियों के अड्डे नष्ट क्यों किए, इन बातों पर रो रहे हैं.

महामिलावटियों के राज में गुंडे और बदमास बेलगाम थे

महामिलावटियों के राज में बेटियों को इंसाफ मिलता था क्या? इनकी सरकार में गुंडे और बदमास बेलगाम थे कि नहीं ? क्या इनकी सरकार में देश सुरक्षित रह सकता है? जब से यूपी में योगी जी की सरकार आई है तब से गुंडे बदमाशों में भय बना हुआ है.

उत्तर प्रदेश में जिस पार्टी के नेताओं को जेल भेजने के लिए, बहन जी ने जीवन के 2 दशक लगा दिए उसी से उन्होंने हाथ मिला लिया है. जिस दल के नेता बहन जी को गेस्ट हाउस में ही खत्म कर देना चाहते थे, वो अब उनके साथी बन गए हैं.

मुझे पता चला है कि यहां मेरठ में विरोधी दलों के जो उम्मीदवार हैं, उन्होंने तो आतंकवादियों के लिए करोड़ों रुपये के ईनाम तक का ऐलान कर दिया था. अब आप सोचिए, महामिलावट के लिए ये लोग किस हद तक जा सकते हैं.

जब दिल्ली में इन महामिलावटी लोगों की सरकार थी, तो आए दिन देश के अलग-अलग कोने में बम धमाके होते थे. ये आतंकियों की भी जात और पहचान देखते थे और उसी आधार पर पहचान करते थे कि इसे बचाना है या सजा देनी है.

सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला भी हमारी सरकार ने किया है. जब आपने ये खबर सुनी होगी तो आपको भी गर्व हुआ होगा.

पुरानी सरकार ने टाली सैटेलाइट को मार गिराने का फैसला

हमारे वैज्ञानिक पहले से अंतरिक्ष में सैटेलाइट को मार गिराने के परीक्षण की मांग कर रहे थे और पुरानी सरकार ने ये फैसला भी टाल दिया था. देश की सुरक्षा के लिए ये फैसला बहुत पहले ले लिया जाना चाहिए था. लेकिन ये फैसला भी टाला जाता रहा.

ये लोग भारत को हमेशा कमजोर बनाकर रखना चाहते हैं. मैं इनसे जानना चाहता हूं कि किसके इशारे पर, किसको फायदा पहुंचाने के लिए आप लोग ऐसा ढुलमुल रवैया अपनाते रहे.

कुछ बुद्धिमान लोग A-SAT की बात पर कन्फ्यूज हो गए. वे A-SAT को थिएटर वाला सेट समझ बैठे. अब आप ही बताइए ऐसे लोगों की बुद्धि पर रोएं या हंसे.

आज जब देश अपनी सामर्थ्य बढ़ा रहा रहा है, अपनी ताकत बढ़ा रहा और अंतरिक्ष में चौकीदारी कर रहा है तो कुछ लोगों के पेट में दर्द हो रहा है.

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