इंडिया टूडे के सर्वे में ओवरआल परफॉर्मेंस में राजनांदगांव जिला अव्वल

कृषि में भी बेहतरीन प्रदर्शन के चलते पूरे प्रदेश में अग्रणी

राजनांदगांव ।

देश की प्रतिष्ठित मैग्जीन इंडिया टूडे ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों के संबंध में सर्वे कराया, इस सर्वे में विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में राजनांदगांव जिले को ओवरआल प्रदर्शन में प्रथम स्थान मिला है।

इसके साथ ही कृषि क्षेत्र में भी बेहतरीन कार्य के लिए जिले को प्रथम स्थान मिला है। ओवरआल परफार्मेंस श्रेणी तथा कृषि श्रेणी का पुरस्कार कल गुरुवार को कलेक्टर भीम सिंह रायपुर में बेबीलोन स्थित होटल में इंडिया टूडे के कार्यक्रम में ग्रहण करेंगे।

उल्लेखनीय है कि जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन में, उज्ज्वला योजना, सौभाग्य योजना आदि के क्रियान्वयन में राजनांदगांव जिला पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। खरीफ वर्ष में एक लाख 78 हजार किसानों का फसल बीमा कराया गया था।

इस बार सूखा पड़ा और किसानों को फसल बीमा का लाभ मिला। सौभाग्य योजना के अंतर्गत पूर्ण रूप से विद्युतीकृत होने वाला पहला जिला राजनांदगांव है। उज्ज्वला योजना के क्रियान्वयन में एक लाख तीस हजार हितग्राहियों को नि:शुल्क सिलेंडर का कनेक्शन दिया जा चुका है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 24 हजार मकान बनाये जा चुके हैं। पूरे प्रदेश में औसत रूप से इसकी प्रगति दर 55 प्रतिशत है जबकि राजनांदगांव में इसकी प्रगति दर 85 प्रतिशत है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में पूरे देश में सबसे बेहतर परफार्मेंस करने वाले जिलों में राजनांदगांव शामिल है। सूखे के चलते इस बार लोगों को भटकना न पड़े। इसके लिए बड़े पैमाने पर रोजगार खोले गए और मनरेगा के क्रियान्वयन में भी सबसे ज्यादा रोजगार देने वाले जिलों में राजनांदगांव अग्रणी रहा।

कृषि में बेहतर प्रदर्शन

इस बार सूखे के चलते किसानों को राहत देने शासन ने फसल बीमा योजना, धान बोनस एवं सूखा राहत के माध्यम से कोशिश की। इनका लाभ लोगों को मिले, इसके लिए राजनांदगांव जिला प्रशासन ने विशेष रूप से कड़ी मेहनत की। सूखा राहत, फसल बीमा एवं धान बोनस के माध्यम से 674 करोड़ रुपए की राशि किसानों के खाते में गई।

फसल बीमा योजना के अंतर्गत एक लाख 43 हजार किसानों के खाते में अब तक 438 करोड़ रुपए की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। शेष 8 हजार किसानों की 27 करोड़ रुपए की राशि प्रक्रियाधीन है और शीघ्र ही किसानों को मिल जाएगी।

सूखा प्रभावित जिले की तहसीलों में किसानों को 123 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। कृषि विभाग ने केसीसी बनाने के लिए भी विशेष रूप से मेहनत की।

पहली बार भावे जैसे गांवों में भी केसीसी बनाने अमला पहुँचा। प्रधानमंत्री फसल बीमा के संबंध में लोगों को जागरूक करने दो बार ग्राम सभाओं का आयोजन हुआ। इसका अच्छा परिणाम रहा और बीमा के संबंध में लोगों की जागरूकता बढ़ी तथा बीमा कराने वाले किसानों की संख्या प्रदेश में सर्वाधिक हो गई।

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