धान से भरी पिकअप पकड़ाई, प्रशासनिक अमला जुटा जांच में

अरविन्द शर्मा:

कोरबा: जिले में अवैध धान के भंडारण व खरीदी बिक्री पर शासन की पैनी नजर है और लगातार कार्यवाही चल रही है।जिससे बिचौलियों की गाढ़ी कमाई पूर्णतः ठप हो गई है।बावजूद कई लोग आज भी बेख़ौब होकर धान की खरीद फरोख्त कर शासन की नजरों में धूल झोंक कर जयचन्द बनने की फिराक में है।

पटवारी कार्यालय के पास पिकअप रुकी

ऐसा ही एक मामला थाना कटघोरा के अंतर्गत ग्राम पंचायत धावइपुर का आया है जहाँ रविवार की सुबह धान से भरी पिकअप धावइपुर मार्ग से होते हुए ढुङ्गा की ओर जा रही थी।पटवारी कार्यालय के पास पिकअप रुकी जिसको देखते हुए संदेह हुआ तो पटवारी ने धान की जानकारी लेनी चाही लेकिन संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया जिस पर तत्काल कटघोरा नायब तहसीलदार रवि राठौर व मंडी के अधिकारी पहुच गये।

जब धान को लेकर नायब तहसीलदार ने वहाँ उपस्थित किसानों से पूछताछ की तो स्वयं का धान बता रहा किसान गोल मोल जवाब देने के साथ कई प्रकार के धान होने की जानकारी देने लगा।प्रथम दृष्टया ही प्रशासनिक अमला को समझ आ गया कि धान किसान का नही है और पिकअप सहित धान जप्त कर मंडी के अधिकारियों को सुपुर्द कर आगे की जांच कर कार्यवाही करने की बात कही।

नायब तहसीलदार ने बताया कि अगर धान वास्तविकता किसान का है तो जमीन के दस्तावेजों के साथ सार्थक सबूत पेश करे अन्यथा अवैध धान होगा तो प्रशासनिक कार्यवाही की जाएगी।

पिकअप में भरा धान किसी किसान का नही

इस पूरे मामले में सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि पिकअप में भरा धान किसी किसान का नही बल्कि छीररा में किसी किराना व्यवसाई का है।जो कि सालो से धान व चावल की बड़ी मात्रा में खरीद फरोख्त करते आ रहा है।जानकारी तो यह भी मिल रही है कि धान की अफरा तफरी करते समय जब इस व्यवसाई का धान शासन की नजरों में आ गया तो इसने अपने भरोसेमंद व्यक्तियों को किसान बनाकर अधिकारियों के समक्ष जवाब तलब के लिए पेश कर दिया।

अब धान किसान का होता तो मोके पर संतोषप्रद जवाब मिल जाता लेकिन किसान का जवाब सुन प्रशासनिक अमला भी उलझ गया और पिकअप सहित धान जप्ती बना आगे की कार्यवाही करने की बात कहने लगा।अब धान किसान का है या अवैध ये तो जांच उपरांत ही पता चल सकेगा बाकी प्रशासनिक अमले ने बारीकी से जांच की तो पूरी पिक्चर साफ हो जाएगी।

Tags
Back to top button