प्रैग्नेसी में पेनकिलर का सेवन बढ़ा सकता है आपकी परेशानी

प्रैग्नेंसी पीरियड्स में हर 3 औरतों में से 1 महिला करती है पेनकिलर का सेवन

प्रैग्नेसी के समय हमें की तरह की परेशानियां होती है। इस दौरान अलग पैनकिलर लेने से इसका प्रभाव आपके साथ-साथ आपके बच्चे पर बी पड़ सकता है।
शोध से पता लगाया गया कि प्रैग्नेंसी पीरियड्स में हर 3 औरतों में से 1 महिला पेनकिलर का सेवन करती है।

ब्रिटेन के एडिनबर्ग विश्वविद्यालय के खोजकर्ताओं ने इस बारे में हिदायत देते हुए कहा कि इन दवाओं से गर्भवती महिला को बचना चाहिए। अगर दर्द बर्दास्त से बाहर हैं तो इस स्थिति में पैरासिटामॉल ली जा सकता है, लेकिन इसको खाने से पहले भी एक बार अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

पेनकिलर लेने से पड़ सकता है बच्चे पर इफेक्ट

इस दौरान महिला को अपनी डाइट के साथ ली जानें वाली दवाइयों का भी प्रोपर ध्यान रखना पड़ता है क्योंकि इस समय गलत ली गई दवाओं का प्रभाव मां-बच्चे दोनों पर पड़ता है। कुछ गर्भवती महिलाओं को अपने पुराने इलाज के चलते दवाइयां खानी ही पड़ती हैं और कुछ को डॉक्‍टर ही कुछ आयरन की गोलियां खाने की सलाह देते हैं। वहीं प्रैग्नेंसी के दौरान कुछ महिलाएं हल्का सा दर्द होने पर अपनी मर्जी से कोई भी पेनकिलर आदि ले लेती है, लेकिन जो बिल्कुल गलत है।

बढ़ सकता है मेनोपॉज का खतरा

शोध के अनुसार,गर्भावस्था में पेनकिलर लेने से बच्चा दुर्बल हो सकता है। वहीं प्रैग्नेंसी के दौरान इबुप्रोफेन या पेरासिटामोल जैसी अन्य कई दवाइयों का सेवन करने नुकसानदायक हो सकता है। दरअसल, इन दवाओं को खाने से गर्भवती महिला की प्रजनन क्षमता कमजोर और बच्चे की फर्टिलिटी पर भी गहरा असर पड़ता है। इसके अलावा दर्दनिवारक दवाइयां लेने से होने वाला बेबी बिकलांग हो सकता है और महिला के अंडाशय में अंडों का उत्पादन तेजी से होने लगता है और जब वह खाली हो जाता है तो महिलाओं में मेनोपॉज का खतरा बढ़ जाता है।

Back to top button