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PAK ने आज से फिर खोला करतारपुर कॉरिडोर, नहीं पहुंचे भारतीय श्रद्धालु

भारत से पूछे बिना पाक का कॉरिडोर खोलने का ऐलान पाक ने महज 2 दिन पहले भारत को दिया था प्रस्ताव

पाककोरोना संकट के बीच पाकिस्तान ने भारत से सलाह किए बगैर ही आज सोमवार को करतारपुर साहिब कॉरिडोर को खोल दिया, लेकिन वहां पर भारत की ओर से एक भी श्रद्धालु नहीं गया. कोरोना महामारी के प्रकोप को देखते हुए इस करतारपुर साहिब कॉरिडोर को करीब 3 महीने पहले बंद कर दिया गया था.

करतारपुर साहिब कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान की हमेशा से खूब दिलचस्पी रही है. अब जब कोरोना महामारी के चलते यह कॉरिडोर बंद हुआ तो पाकिस्तान ने भारत से सलाह किए बैगर ही कॉरिडोर खोलने की तारीख का ऐलान कर दिया.
हालांकि पीटीआई के अनुसार, शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि करीब 3 महीने के अंतराल के बाद करतारपुर कॉरिडोर के फिर से खोले जाने के बाद भी कोरोना वायरस के डर से एक भी भारतीय श्रद्धालु ने करतारपुर कॉरिडोर नहीं गए.

भारत ने 15 मार्च को किया था बंद

पाकिस्तान ने सिख श्रद्धालुओं के लिए करतारपुर कॉरिडोर को लगभग 3 महीने बाद 29 जून से खोलने का ऐलान किया. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने पिछले हफ्ते के अंत में शनिवार को ट्वीट कर कहा कि 29 जून को महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि है. हम चाहते हैं कि इस दिन कॉरिडोर खुल जाए. इसके लिए हम भारत से बात कर रहे हैं.

भारत ने कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए 15 मार्च को करतारपुर कॉरिडोर को बंद करने का फैसला लिया गया था. पहले इसे 31 मार्च तक बंद किया गया था, लेकिन बाद में अनिश्चितकाल के लिए बंद रखने का फैसला किया गया.

भ्रम फैलाने की कोशिश

हालांकि भारत सरकार ने पाकिस्तान के करतारपुर कॉरिडोर को मौजूदा हालात में फिर से खोलने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था. भारत सरकार ने कहा कि ये सद्भावना के नाम पर भ्रम फैलाने की कोशिश है.

भारत सरकार की ओर से कहा गया कि समझौते के मुताबिक दोनों सरकारों को दोबारा करतारपुर कॉरिडोर खोलने के लिए एक-दूसरे को कम से कम 1 हफ्ते का वक्त देना जरूरी है लेकिन पाकिस्तान सिर्फ 2 दिन के अंदर ही कॉरिडोर को फिर से खोलने की बात कर रहा है. अब इस मामले में आखिरी फैसला गृह मंत्रालय लेगा.

पक्ष में कई राजनीतिक दल

हालांकि पंजाब में अकाली दल और बीजेपी के साथ ही सिखों की सर्वोच्च संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भी करतारपुर कॉरिडोर खोलने की बात का समर्थन किया था.

एसजीपीसी सदस्य राजेंद्र सिंह मेहता ने कहा कि अगर करतारपुर कॉरिडोर खोला जाता है तो यह अच्छी बात होगी जब सरकार अनलॉक के अलग-अलग फेज में तमाम स्थानों को खोल सकती है तो ऐसे में सिखों के सर्वोच्च धार्मिक स्थल को जोड़ने वाले करतारपुर कॉरिडोर को खोलने में आखिरकार क्या समस्या है?

बीजेपी के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी शर्मा

अकाली दल ने भी कहा कि जब हमारे देश में तमाम गुरुद्वारे और धार्मिक स्थल खुल चुके हैं तो ऐसे में अगर पाकिस्तान करतारपुर साहिब गुरुद्वारे को खोलने को तैयार है तो इस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए.

दूसरी ओर, बीजेपी के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर सिखों की आस्था के साथ जुड़ा मसला है. इस पर अंतिम फैसला भले ही भारत सरकार को लेना है. लेकिन अगर हमारे देश में गुरुद्वारे खुल सकते हैं तो करतारपुर कॉरिडोर को भी एक प्रोटोकॉल तय करने के बाद खोल दिया जाना चाहिए.

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