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भारत में आतंक फैलाने के लिए सिख आतंकियों को भड़का रहा पाक

लाहौर: पाकिस्तान भारत में अशांति फैलाने के लिए सिख आतंकियों का समर्थन कर रहा है। सोशल मीडिया पर कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं जिनसे पता चलता है कि पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और जमात-उद-दावा सिख आतंकियों का समर्थन कर रहे हैं। हाफिज सईद और सिख आतंकी नेता गोपाल सिंह चावला एक फोटों में साथ-साथ नजर आ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने गृह मंत्रालय ने भी संसदीय कमेटी सौंपी रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया था। गोपाल ने भारतीय अफसरों को गुरुद्वारे में जाने से रोका था।

पाकिस्तानी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का महासचिव है गोपाल : गोपाल सिंह चावला पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (PSGPC) का महासचिव है। उसके हाफिज सईद से करीबी रिश्ते होने की खबरें पहले भी आती रही हैं।

गोपाल चावला ने भारतीय अफसरों को पंजा साहिब जाने से रोका : भारत से करीब 1800 सिख तीर्थयात्री बैशाखी के मौके पर पाकिस्तान पहुंचे थे। लेकिन पाकिस्तान ने इस मौके का इस्तेमाल अपने भारत-विरोधी दुष्प्रचार के लिए किया। गोपाल सिंह ने हाल ही में वैसाखी के दिन पाकिस्तानी अफसरों के निर्देश पर भारतीय अफसरों को पंजा साहिब गुरुद्वारे में जाने से रोक दिया था।

सिखों के पवित्र स्थल पंजा साहिब की परिक्रमा के दौरान पाकिस्तान के इशारे पर सिख चरमपंथियों ने यहां ‘सिख रेफरेंडम 2020’ के पोस्टर भी लहराए थे। इतना ही नहीं, भारतीय तीर्थयात्रियों का बैशाखी पर स्वागत करने के लिए पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया को पंजा साहिब पहुंचना था, लेकिन उन्हें बीच रास्ते से लौटने के लिए मजबूर किया गया। इसके लिए पाकिस्तान ने सुरक्षा कारणों का हवाला दिया लेकिन यह नहीं बताया कि किस तरह का खतरा था।

अफसरों को बाघा बॉर्डर पर भी भारतीय तीर्थयात्रियों से नही मिलने दिया : इससे पहले 12 अप्रैल को ट्रेन से रवाना हुए भारतीय तीर्थयात्री बॉर्डर के उस पार वाघा स्टेशन पहुंचे थे, तब भी अफसरों को उनसे मिलने से रोका गया था। ये अफसर प्रक्रिया के तहत तीर्थयात्रियों की मदद के लिए उनसे मिलने गए थे। पाकिस्तानी अफसरों के व्यवहार पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने नाराजगी जाहिर की थी और इसे वियना कन्वेंशन का उल्लंघन बताया था। गुरुद्वारे में सिख जनमत संग्रह के पोस्टर लगे थे।

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