पाकिस्तान में पटाखे की आवाज नहीं आतंकियों की चीखें सुनाई पड़ेगी- भाजपा

पाकिस्तान के एजेंट बनकर घूम रहे सिद्धू - बृजमोहन

रायपुर: पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा लगाये गये आरोपों पर करारा जवाब देते हुए कहा कि जिनका कोई राजनीतिक दीन-धरम-ईमान नहीं है, जो दोस्ती को देश से ऊपर समझते हैं, ऐसे दोस्त कांग्रेस को मुबारक हों।

अग्रवाल ने कहा कि इधर उधर की लफ्फाजी करते हुए विदूषक की भूमिका निभाने वाले सिद्धू के सामने जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की कांग्रेस प्रायोजित पैंतरेबाजी पर सवाल आया तो वे मैदान छोड़कर क्यों भाग गये।

वे बतायें कि इमरान से और क्या-क्या डील हुई है। अग्रवाल ने कहा कि साल भर पहले सिद्धू के दोस्त इमरान कहा करते थे कि मोदी जी से बात नहीं करेंगे, नई सरकार से बात करेंगे। अब ऐसा क्या हो गया कि वे बार-बार बात करने की फरियाद करते हैं।

भारत में फिर मोदी सरकार बनेगी तब पाकिस्तान में पटाखों की जगह आतंकवादियों की चीखें सुनाई पड़ेंगी और भारत में इमरान के खैरख्वाह विलाप करते नजर आयेंगे। उन्होंने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में बढ़ी भारत की ताकत से पाकिस्तान जिस तरह मिमिया रहा है उसकी बानगी सिद्धू देख लें कि पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह मोहम्मद कुरैशी किस कदर दुनिया के सामने भारतीय हथियारों को लेकर रोना रो रहे हैं।

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सिद्धू दरअसल कांग्रेस का यह संदेश लेकर अपने दोस्त इमरान के पास पाकिस्तान जाते हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हटाने और भाजपा को हराने में हमारी मदद करें। पहले यह काम मणिशंकर अय्यर कर रहे थे और लगता है कि अब यह ठेका सिद्धू को दिया गया है।

अग्रवाल ने सवाल उठाया कि जो देश का नहीं, वह किसका हो सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने दूत भेज भेज कर पाकिस्तान से मदद मांग रही है कि मोदी जी को हटाया जाये। अब तो राजनीतिक स्वार्थ के लिए देश द्रोह को संरक्षण देने आमादा कांग्रेस ने मानसिक गिरावट की हद पार करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के जरिये भारतीय लोकतंत्र के त्यौहार में दखल दिलाने का षड्यंत्र रचा है।

वरना इमरान खान किसके इशारे पर यह कह रहे हैं कि मोदी जी दोबारा प्रधानमंत्री बनेंगे तो कश्मीर समस्या का समाधान हो सकता है। कांग्रेस जिस तरह इमरान के बयान का हवाला दे रही है उससे साफ जाहिर है कि कांग्रेस ने इमरान खान को अपनी चुनावी रणनीति का साझेदार बना लिया है और ऐसा लगता है कि नवजोत सिद्धू पाकिस्तान के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं।

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