पाकिस्तान जल्द अपने राजनयिक को भारत वापस भेजने वाला नहीं

पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने एक सीनियर सूत्र के हवाले से बताया है कि पाकिस्तान जल्द ही अपने राजनयिक को भारत वापस भेजने वाला नहीं है।

इस्लामाबाद: पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने एक सीनियर सूत्र के हवाले से बताया है कि पाकिस्तान जल्द ही अपने राजनयिक को भारत वापस भेजने वाला नहीं है। बता दें कि भारत और पाकिस्तान दोनों ने ही एक दूसरे पर एक दूसरे के राजनयिकों के उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

भारतीय अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तानी उच्चायोग द्वारा लगाए गए सभी ‘वास्तविक’ आरोपों की जांच की जाएगी, वहीं दूसरी तरफ इस्लामाबाद का आरोप है कि भारत सरकार उसके शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रही है।

राजनयिकों के कथित उत्पीड़न के आरोपों को लेकर पाकिस्तान ने भारत से अपने उच्चायुक्त को बैठक के लिए वापस बुला लिया है लेकिन लगता नहीं है कि वह जल्द अपने राजनयिक को भारत भेजेगा।

भारत से गुरुवार को पाकिस्तान बुलाए गए पाकिस्तानी राजनयिक सोहैल महमूद के अगले कुछ दिनों में वापस भारत जाने की उम्मीद जताई जा रही थी लेकिन पाकिस्तान विदेश मंत्रालय से जुड़े सूत्र ने बताया कि जब तक भारत में राजनयिकों और उनके बच्चों के कथित उत्पीड़न बंद नहीं होते, तब तक वह नई दिल्ली नहीं जाएंगे।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘जब दोनों देशों के रिश्ते सबसे बुरे दौर में थे, उस वक्त भी बच्चों का उत्पीड़न नहीं किया गया था।’ अधिकारी ने कहा कि मौजूदा हालात में महमूद के लिए नई दिल्ली में काम करना मुमकिन नहीं था। इसका मतलब है कि नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायुक्त अभी अनिश्चितकाल के लिए पाकिस्तान में ही रहेंगे।

दोनों देशों के बीच मौजूदा राजनयिक विवाद 2002 के हालात की याद दिलाता है जब दिसंबर 2001 में भारतीय संसद पर हमले के बाद दोनों देशों ने एक दूसरे के यहां से अपने-अपने उच्चायुक्तों को वापस बुला लिया था।

दोनों देशों के बीच चल रहा राजनयिक विवाद आगे और गहरा हो सकता है। एक तरफ भारत ने जहां पाकिस्तान पर अपने सरकारी वेबसाइटों को ब्लॉक करने का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान ने शुक्रवार को भारत में होने वाली WTO मीटिंग में हिस्सा न लेने का ऐलान किया था। अगले हफ्ते 19-20 मार्च को भारत में WTO की मंत्रालयी बैठक होने वाली है।

पाकिस्तान का आरोप है कि भारत में इससे पहले कभी भी इस स्तर पर उसके राजनयिकों का उत्पीड़न नहीं हुआ है। वहीं भारत का आरोप है कि पाकिस्तान में उसके राजनयिकों का आईएसआई और अन्य तत्वों द्वारा लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। भारतीय राजनयिकों का पीछा किया जा रहा है और उन्हें धमकियां दी जा रही हैं।

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