पाकिस्‍तानी नागरिक ने खोली सैन्‍य प्रवक्‍ता की पोल, पाकिस्‍तान में मचा हड़कंप

इस्लामाबाद। इंडियन एयरफोर्स के मिराज-2000 विमान मंगलवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर कहर बनकर टूटे। इन विमानों ने हजारों किलो के बम से कई आतंकी ठिकानों को ध्‍वस्‍त कर दिया। इस बीच पाकिस्‍तान इस हमले को अभी भी ‘हमला’ मानने को तैयार नहीं है।

पाकिस्‍तान की सेना ने इसे अपनी सीमा में घुसने का असफल प्रयास करार दिया है। हालांकि उसके इस दावे की पोल उसके अपने नागरिकों ने खोल दी है। बीबीसी को स्थानीय लोगों ने बातचीत में घटना की जानकारी दी। मोहम्मद आदिल नाम के शख्स ने बताया कि तीन बजे बहुत जोर से आवाज आई थी और फिर पांच धमाके की आवाज सुनाई दी थी। फिर कुछ देर बाद आवाज आनी बंद हो गई।

पाकिस्‍तान की सेना प्रवक्‍ता मेजर जनरल आसिफ ने सुबह ट्वीट कर भारत पर सीमा के उल्लंघन का आरोप लगाया और लिखा है कि भारतीय वायुसेना ने मुजफ्फराबाद सेक्टर से घुसपैठ की कोशिश की थी। उन्होंने आगे लिखा है कि पाकिस्तानी सेना द्वारा ठीक समय पर प्रभावी जवाब दिया गया। उन्‍होंने कहा कि पाकिस्‍तान की त्‍वरित कार्रवाई के बाद भारतीय विमान बालाकोट में पेलोड गिराकर भाग गया।

पाकिस्तान भारत के इस हमले की खबर से लगातार इनकार कर रहा है। सत्तारूढ़ दल पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ ने सिलसिलेवार ट्वीट कर भारतीय वायुसेना के हमले की खबरों से इनकार किया है। पीटीआई ने ट्वीट कर कहा कि भारत द्वारा आतंकी कैंपों को निशाने बनाने की खबरों का खंडन किया जाता है।

पाकिस्‍तान सेना के इस बयान में बालाकोट का जिक्र आने के बाद पाकिस्‍तान में बवाल मच गया। दरअसल पाकिस्‍तान में बालाकोट नाम से दो जगहें हैं। एक जगह एलओसी के नजदीक है और दूसरा करीब 80 किलोमीटर दूर है। एलओसी से सटा बालाकोट पीओके में आता है और तकनीकी रूप से यह पाकिस्‍तान का हिस्‍सा नहीं है। दूसरा बालाकोट पाकिस्‍तान की सरजमीं पर है। इस भ्रम के बाद पाकिस्‍तानी पत्रकारों ने सेना से सवाल पूछना शुरू कर दिया कि किस बालाकोट पर भारत ने हमला किया है।

चौतरफा सवालों के बौछार के बाद पाकिस्‍तानी सेना प्रवक्‍ता ने एक और ट्वीट कर कहा कि यह एलओसी के नजदीक का है। हालांकि पाकिस्‍तानी सेना प्रवक्‍ता के दावे की पोल वहां के एक नागरिक ने ही खोल दी। पाकिस्‍तान के ऐबटाबाद के रहने वाले असद खान नाम के ट्वीटर यूजर ने सुबह करीब साढ़े पांच बजे ट्वीट कर कहा कि ऐबटाबाद के आकाश में सुबह 4 बजे से लड़ाकू विमान गरज रहे हैं। उसने विमानों का एक विडियो भी अपलोड किया लेकिन बाद में उसने इसे डिलीट कर दिया।

पाकिस्‍तानी नागरिक का ट्वीट

दरअसल, पाकिस्‍तानी सेना के प्रवक्‍ता ने भारतीय विमानों को रोक पाने में अपनी शर्मनाक असफलता को छिपाने के लिए इसे एलओसी के नजदीक का बालाकोट बताया था ताकि अपनी जनता के सवालों को शांत किया जा सके। जबकि वास्‍तविकता है यह है कि भारतीय विमानों ने एलओसी से करीब 80 किमी दूर स्थित बालाकोट में हमला किया था। यह स्‍थान आतंकवादियों का गढ़ है।

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