पाकिस्तानी शूटर्स को वीजा नही मिला, अब 16 की बजाए 14 ओलिंपिक कोटा

लेकिन इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी (आईओसी) ने इस निर्णय को बदलते हुए सिर्फ दो कोटा स्थान हटाए।

पाकिस्तानी शूटर्स को वीजा प्रदान नहीं करने के कारण यहां चल रहे शूटिंग विश्व कप में अब 16 की बजाए 14 ओलिंपिक कोटा दांव पर होंगे।

इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स महासंघ (आईएसएसएफ) ने सभी 16 ओलिंपिक कोटा हटाने का फैसला किया था लेकिन इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी (आईओसी) ने इस निर्णय को बदलते हुए सिर्फ दो कोटा स्थान हटाए।

भारत ने पाकिस्तान के दो शूटर्स जीएम बशीर और खलील अहमद को वीजा प्रदान नहीं किया था, इन दोनों को विश्व कप में 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल इवेंट में हिस्सा लेना था।

इसके बाद पाकिस्तान निशानेबाजी महासंघ ने आईएसएसएफ को पत्र लिखकर इस इवेंट (25 मीटर रैपिड फायर) के ओलिंपिक कोटा रद्द करने की मांग की थी।

आईएसएसएफ ने कड़ा कदम उठाते हुए इस विश्व कप में दांव पर लगे सभी 16 ओलिंपिक कोटा वापस लेने की घोषणा की थी। आईएसएसएफ अध्यक्ष व्लादीमिर लिसिन ने गुरुवार को इस बात की घोषणा की थी।

इसके बाद आईओसी ने लुसाने में बैठक के बाद यह फैसला किया कि सभी 16 ओलिंपिक कोटा वापस लेने की आवश्यकता नहीं है|

सिर्फ उस इवेंट (25 मीटर रैपिड फायर) में ओलिंपिक कोटा नहीं दिया जाएगा जिसमें पाकिस्तानी शूटर्स हिस्सा लेने वाले थे।

भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ के अध्यक्ष रनिंदर सिंह ने गुरुवार को कहा था कि वे अभी भी मामले के समाधान की तलाश में हैं।

उन्होंने कहा, ‘अभी कुछ रद्द नहीं हुआ। हमें कुछ पता नहीं है। हम इंतजार कर रहे हैं। बैठकें हो रही है और आईओसी तथा सरकार इस पर नजर रखे हुए हैं। हर कोई मेहनत कर रहा है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ और यह दुर्भाग्यपूर्ण है।’

आईओसी के इस कदम से भारतीय निशानेबाज खुश है क्योंकि इस विश्व कप के दौरान उन्हें कई ओलिंपिक कोटा मिलने की उम्मीद है।

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