19 फरवरी से चालू होगा महिलाओं की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन

निर्भया कोष से इस सिस्टम को मिले 321 करोड़ से भी ज्यादा रुपये

नई दिल्लीः महिलाओ की सुरक्षा के लिए आपात स्थिति में सहायता के लिए पैनिक बटन के द्वारा उनकी मदद की जाएगी. यह पैनिक बटन हर प्रकार के मोबाइल सेट पर होगी. जिसकी सहायता से मुसीबत में फंसे महिलाएं मदद मांग सकेंगी.

मोबाइल में पैनिक बटन 19 फरवरी से चालू कर दिया जाएगा. यह बटन हर मोबाइल में होगा. मतलब साफ है कि कोई भी महिला जिसके पास मोबाइल फोन हो और वह आपात स्थिति में फंस गई हो तो इस बटन को दबाकर पुलिस को सूचित कर सकती है.

पैनिक बटन को दबाते ही नजदीकी पुलिस की मोबाइल बैन के पास यह संदेश चला जाएगा कि कोई महिला परेशानी में है. इस बटन के दबाने के बाद आपात स्थिति में मदद के लिए जिन 5 करीबियों का फोन नम्बर रखा होगा, उनको भी संदेश चला जाएगा.

महिला और बाल विकास मंत्रालय किया था विचार

महिला और बाल विकास मंत्रालय ने करीब ढाई साल पहले सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पैनिक बटन का विचार दिया था. जिसके बाद पैनिक बटन लगाने के लिए मोबाइल फोन बनाने वाली और नेटवर्क देने वाली कंपनियों को इसके लिए जोर डाला गया.

इस सिस्टम को खड़ा करने और सुचारू रूप से चलाने के लिए महिला और बाल विकास मंत्रालय ने निर्भया कोष से 321 करोड़ से भी ज्यादा रुपये दिए.

महिला और बाल विकास मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, ”शुरुआत में हमलोगों ने प्लान किया था कि आपात स्थिति में महिला के संबंधियों के पास संदेश (SMS) चला जाए लेकिन परिजनों के उदासीन प्रतिक्रिया को देखते हुए इसे पुलिस कंट्रोल रूम से जोड़ा गया.”

इस बटन का ट्रायल कई प्रदेशों में किया गया. जिसमें उत्तर प्रदेश भी शामिल है. साल 2018 के नम्बर में हिमाचल प्रदेश और दिसम्बर महीने में नगालैंड में इस सुविधा की शुरुआत की गई. अब पूरी तरह से ट्रायल सफल होने के बाद देश के सभी राज्यों में लागू कर दिया जाएगा.

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