माओवादी पर्चा मिलने के बाद वनाचंल में ‘दहशत’, इलाके में सर्चिग ऑपरेशन तेज

भारतीय कम्यूनिस्ट ने पर्चा फेकने की जिम्मेदारी ली है

गरियाबंद। गणतंत्र पर्व के ठीक एक दिन पहले जिले के बार्डर गांव में माओवादियों के पर्चे और बैनर मिले है। जिसके बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। पर्चे मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने पोस्टर को जब्त कर वनाचंल में सर्चिग ऑपरेशन तेज कर दिया है।

बताया गया है सरईभदर गांव जिले का सरहदी गांव है, जो गरियाबंद जिले के गांव से लगा हुआ है। नक्सली पर्चा मिलने के बाद पुलिस भी पूरी तरह से अलर्ट हो गई है। बताया गया है कि भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी की ओर से 25 से 30 जनवरी तक धरना-प्रदर्शन और 31 जनवरी को भारत बंद का आव्हान किया गया है।

पर्चे फेंकने की जिम्मेदारी माओवादी कम्युनिस्ट पार्टी उड़ीसा राज्य कमेटी ने ली है। नक्सलियों ने उल्लेख किया है कि सामाजिक कार्यकर्ता नागरिक सुरक्षा कर्मियों को शहरी मॉओवादी का झूठा आरोप लगा कर जेल में बंद करने के विरोध में संगठित होकर “जन आंदोलन” तेज करो की बात कही, मोदी सरकार का विरोध करो जैसे शब्दों का जिक्र किया गया।

आसपास के गांवो में दहशत का माहौल

माओवादी पर्चा और बैनर मिलने से सरईभदर व आसपास के गांवो में दहशत का माहौल है। क्योकि 26 जनवरी को गणतंत्र का राष्ट्रीय पर्व मनाया जाना है।

इधर मामले में एएसपी कमलेश्वर प्रसाद चंदेल का कहना है कि गणतंत्र पर्व को लेकर सुरक्षा के मुकम्मल इंतजाम किए गए हैं। मुख्य समारोह शहर में आयोजित है इस कारण शहर कोतवाली, अर्जुनी और रूद्री थाना को अलर्ट रखा गया है।

वहीं नक्सल प्रभावित इलाकों में सर्चिंग तेज कर दी गई है। सुरक्षा बल के जवान सर्चिंग अभियान चला रहे है। बहरहाल यह पहला अवसर नहीं जब नक्सलियों ने बैनर-पोस्टर नहीं लगाया है। इसके पहले भी राष्ट्रीय पर्व के मौको पर नक्सलियों ने दहशत फैलाने की कोशिशे की है। जिसे पुलिस बल ने समय-समय पर नाकाम किया है।

1
Back to top button