छत्तीसगढ़

प्रतापपुर-अंबिकापुर मार्ग पर हाथियों का आंतक, आधे घंटे तक लगा जाम

तीन बजे 12 हाथियों का दल अमरपहाड़ से निकलकर प्रतापपुर-अंबिकापुर मुख्य मार्ग पर आ गए थे

अंबिकापुर। क्षेत्र में हाथियों के आतंक से ग्रामीण दहशत में हैं। बीती रात एक दर्जन हाथियों के एक झुंड ने प्रतापपुर-अंबिकापुर मार्ग को लगभग आधे घंटे तक रोक कर रखा।

इसके बाद वे सिंगरा के जंगल की तरफ चले गए। गजराजों के इस क्षेत्र में भ्रमण से लोग दहशत में है।

शुक्रवार दोपहर तीन बजे 12 हाथियों का दल अमरपहाड़ से निकलकर प्रतापपुर-अंबिकापुर मुख्य मार्ग पर आ गए थे।

बीती रात गजदल करंजवार से मुख्य मार्ग को पार करते हुए सिंघरा जंगल के कक्ष क्रमांक 24-25 में पहुंच गया। सूचना पर हाथी दल प्रभारी सहित वन अमला ने मौके पर पहुंचकर बैरिकेटिंग कर गजदल को जंगल में रोके रखा है।

मौके पर पहुंचे धरमपुर के परिक्षेत्र सहायक भूषण यादव ने बताया कि रात में ही 12 हाथियों का दल इस बीट में आ गया था, इस दौरान हाथियों ने ग्राम सिंघरा के हीराधन, शिवप्रसाद, मुन्ना, बागी समेत कुछ अन्य लोगों की धान की फसल को क्षति पहुंचाई। जिसका आंकलन किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि रेंजर डीएन जायसवाल द्वारा हाथी दल को गांव में प्रवेश करने से रोकने बैरिकेटिंग का उपयोग किया जा रहा है।

पूरे अभियान में हाथी दल प्रभारी बजरंगी सिंह शांडिल्य, संजय देवांगन समेत हाथी मित्र दल के सदस्य लगातार कार्य कर रहे है।

हाथियों के क्षेत्र में आने से सिंघरा, भरदा, पलड़ा, गौरा, बगड़ा, कोटया, मानपुर, धरमपुर, मदननगर, गणेशपुर, गोटगवां, कनकनगर, सिलफिली, करसी, मकनपुर क्षेत्र में दहशत का माहौल है, क्योंकि अभी धान की फसल के साथ गन्ने की फसल भी तैयार हो रही है।

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