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पार्कर सोलर प्रोब : लांच हुआ नासा का टच द सन मिशन

फ्लोरिडा:

सूरज को छूने के लिए तैयार किया गया नासा का मिशन पार्कर सोलर प्रोब रविवार को अपने एतिहासिक सफर पर रवाना हो गया। 1.5 अरब डॉलर की लागत से तैयार यह मिशन 24 घंटे की देरी से रवाना हो सका। इसे 12 अगस्त को ईस्टर्न डे टाइम के मुताबिक 3.31 बजे रवाना किया गया। इससे पहले शनिवार 11 अगस्त को तकनीकी कारणों से इसका लांच नहीं हो सका था।

यह यान 4.30 लाख मील प्रति घंटे की रफ्तार से सूरज के 24 चक्कर लगाएगा। सूरज तक पहुंचने की इस यात्रा के दौरान यह यान कई ग्रहों के गुरुत्वाकर्षण मार्ग से होकर गुजरेगा। इसमें बुध ग्रह का गुरुत्वाकर्षण मार्ग भी इसकी मदद करेगा। सूरज के इतने करीब पहुंचने वाला यह अब तक पहला यान होगा। इससे पहले लांच किए गए मिशन सफल नहीं हो सके थे।

पार्कर सोलर प्रोब 7 साल तक सूरज के इर्द-गिर्द चक्कर लगाते हुए अध्ययन करेगा। कार के आकार का यह यान सूरज की बाहरी परत कोरोना के नजदीक रहेगा। कोरोना का ही तापमान 10 लाख डिग्री सेल्सियस होता है। हालांकि कोरोना को पार करने के बाद सूरज की परत का तापमान 5500 डिग्री सेल्सियस होता है। कोरोना को इनसानी आंखों से सूर्य ग्रहण के दौरान देखा जा सकता है। यह धुंधला सा झिलमिलाता वातावरण होता है।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने पार्कर सोलर प्रोब को सूरज के अत्यधिक तापमान से बचाने के लिए 8 फुट की उड़न तश्तरी बनाई है। एपीएल में मिशन प्रोजेक्ट साइंटिस्ट निकी फॉक्स ने बताया कि उनकी टीम ने इस रक्षा कवच को उड़न तश्तरी नाम दिया है। इसे एक दशक की मेहनत के बाद बनाया जा सका है। यह 4.5 इंच मोटी कार्बन फोम की परत है।

यान का जो हिस्सा सूरज की तरफ होगा उस पर सफेद सेरामिक पेंट की परत चढ़ाई गई है, ताकि यह सूरज की गर्मी को वापस भेज सके। 8 फुट चौड़ाई वाली इस सुरक्षा परत का वजन तकरीबन 73 किलोग्राम है। यह सूरज के भयंकर तापमान और पार्कर प्रोब के बीच मजबूती से डटी रहेगी।

इस यान का नाम फिजिसिस्ट यूजीन न्यूमैन पार्कर के नाम पर रखा गया है। इन्होंने तारों द्वारा ऊर्जा संचारित करने के कई अवधारणाएं पेश की थीं। नासा के इस यान का नाम पहली बार किसी जीवित वैज्ञानिक के नाम पर रखा गया है। 91 साल के पार्कर ने पिछले साल इस यान को देखा था, जिसके ऊपर उनके नाम का अंतिम हिस्सा अंकित है।

पार्कर सोलर प्रोब शनिवार को रवाना नहीं हो सका था। इस यान का लांच शनिवार को ईस्टर्न डेटाइम के मुताबिक 3.33 तड़के तय किया गया था। इसे बाद में बढ़ाकर 3.53 जिसे 4.28 बजे तक बढ़ाया गया। बाद में तकनीकी कारणों से इसके लांच को रविवार तक बढ़ाने का फैसला किया गया।
पार्कर सोलर प्रोब से जुड़ी टीम ने मौसम को यान के लांच में बाधक बनने की आशंका जताई थी। इसलिए इसके लांच की विंडो 11 अगस्त से 23 अगस्त तक 13 दिनों का रखा गया है। एयरफोर्स की मौसम अधिकारी कैथी राइस ने एक न्यूज कॉन्फ्रेंस मे बताया था कि लांच के लिए 65 मिनट का समय होगा।

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