राष्ट्रीयव्यंजन

पारले- जी बिस्कुट ने लॉकडाउन में तोड़ा बिक्री का 82 साल का रिकॉर्ड

देश में सबसे पुराने ब्रांडों में से एक है पारले

नई दिल्ली/ चीन से निकलकर दुनिया के कई देशों में फैली कोरोना महामारी के प्रकोप से भारत भी अछूता नहीं है। संक्रमण के चलते देश में लागू लॉकडाउन का खामियाजा कई भारतीय उद्योग जगत को झेलना पड़ रहा है, तो वहीं पारले- जी बिस्कुट का इस दौरान इतना माल बिका कि 82 सालों का रिकॉर्ड टूट गया है।

प्रवासियों के लिए काफी मददगार साबित हुआ बिस्कुट

पारले-जी देश के सबसे सस्ते बिस्कुट में से एक है। और इसी कारण ये आम से खास हर वर्ग की पसंद बना हुआ है। लॉकडाउन के दौरान पारले-जी बिस्कुट प्रवासी मजदूरों की भूख मिटाने में काफी मददगार साबित हुआ है। इसके साथ ही लोगों ने जगह-जगह कैंप लगा मजदूरों को हजारों की संख्या में इन बिस्कुट का वितरण किया।

कंपनी की 80-90 प्रतिशत ग्रोथ पारले की सेल से हुई

मार्केट बंद होने का ऐलान होते ही लोगों के मन में खाद्य सामग्री को लेकर कई तरह की चिंता घर कई उस दौरान भी अधिकतर लोगों ने अपने घरों में पारले बिस्कुट का स्टॉक जमा कर लिया। पारले प्रोडक्ट्स के कैटेगरी हेड मयंक शाह के मुताबिक कंपनी का कुल मार्केट शेयर करीब 5 फीसदी बढ़ा और इसमें से 80-90 प्रतिशत ग्रोथ पारले -जी की सेल के कारण दर्ज की गई है।

लॉकडाउन के दौरान चलता रहा उत्पादन

इस ब्रिक्री के पीछे की एक बजह ये भी बताई जा रही है कि लॉकडाउन के चलते जिन कंपनियों ने अपने कर्मचारियों के आने- जाने की व्यवस्था कर दी थी उनका उत्पादन समय पर हो सका जिसके चलते सेल अधिक हुई। लॉकडाउन के दौरान पारले- जी ने सबसे अधिक और कम दामों में बिकने वाले पारले- जी बिस्कुट पर ज्यादा ध्यान दिया।

देश में सबसे पुराने ब्रांडों में से एक है पारले

कंपनी ने इसकी बढ़ती बिक्री को देखते हुए डिस्ट्रिब्यूशन चैनल को भी एक हफ्ते के अंदर रीसेट कर दिया, ताकि रिटेल आउटलेट पर बिस्कुट की कमी ना होने पाए। देश में पारले- जी कंपनी बिस्कुट के सबसे लोकप्रिय बिस्कुटों में से एक है। देश में सबसे पुराने ब्रांड नामों में से एक होने के कारण भारत में सबसे अधिक बिक्रि वाला बिस्कुट ब्रांड है।

Tags
Back to top button