छत्तीसगढ़

गांवों को स्वच्छ, स्वस्थ, सुशिक्षित बनाने पंचायत प्रतिनिधियों की भागीदारी जरूरी : रमन

रायपुर : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से शुक्रवार शाम उनके निवास परिसर में राज्य सरकार की हमर छत्तीसगढ़ योजना के तहत रायपुर और नया रायपुर के अध्ययन दौरे पर आए बस्तर संभाग के चार जिलों-कांकेर, बीजापुर, कोण्डागांव और बस्तर (जगदलपुर) के पांच विकासखण्डों के पंच-सरपंचों ने सौजन्य मुलाकात की। इनमें 60 ग्राम पंचायतों के 512 प्रतिनिधि शामिल थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें सम्बोधित करते हुए हर गांव को स्वच्छ, स्वस्थ और सुशिक्षित बनाने की जरूरत पर बल दिया और कहा कि इसमें पंचायत प्रतिनिधियों की भागीदारी बहुत जरूरी है।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आम जनता और जनप्रतिनिधियों तथा पंचायत राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के सहयोग से राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं पर बस्तर अंचल में प्रभावी अमल हो रहा है। सबके सहयोग से बस्तर का तेजी से विकास होने लगा है। हमर छत्तीसगढ़ योजना इसलिए शुरू की गई है कि प्रदेश के सभी जिलों के पंच-सरपंच रायपुर और नया रायपुर आकर राज्य सरकार की प्रशासनिक कार्यप्रणाली और प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों को नजदीक से देख और समझ सकें। विभिन्न जिलों के पंच-सरपंच यहां आकर जब एक-दूसरे से मिलते हैं तो अपने-अपने जिलों और गांवों के विकास से जुड़े अपने अनुभवों को भी साझा करते हैं। शासन की योजनाओं का समुचित लाभ जरूरतमंद लोगों को दिलाना पंचायत प्रतिनिधियों की भी जिम्मेदारी है। इसी कड़ी में उन्होंने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इस योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा 35 लाख गरीब परिवारों को महिलाओं के नाम पर रसोई गैस कनेक्शन दिया जा रहा है। उन्हें मात्र 200 रुपए के पंजीयन शुल्क पर यह कनेक्शन नि:शुल्क दिया जा रहा है। साथ ही डबल बर्नर चूल्हा और पहला भरा हुआ सिलेण्डर भी मुफ्त दिया जा रहा है। अब तक 13 लाख से ज्यादा घरों में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना पहुंच चुकी है।

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