लोकसभा चुनाव की तैयारियों में पार्टियां, छत्तीसगढ़ में अप्रैल में चुनाव होने की संभावना

विधानसभा चुनाव के प्रचार में गूंजे थे राष्ट्रीय मुद्द

रायपुर :

छत्तीसगढ़ समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को 2019 का सेमीफाइनल माना जा रहा है। सेमीफाइनल के नतीजे कुछ भी हों, फाइनल में अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है।

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के नतीजे अभी आए भी नहीं हैं कि लोकसभा चुनाव की तैयारियों में पार्टियां जुट गई हैं। मई में मोदी सरकार को कार्यकाल खत्म हो रहा है। लोकसभा चुनाव कई चरणों में होते हैं तो छत्तीसगढ़ में अप्रैल में चुनाव होने की संभावना है।

पिछली बार भी यहां वोटिंग अप्रैल में ही हुई थी। इस लिहाज से अब पांच महीने से भी कम वक्त बचा है। भाजपा तो बेहद संगठित और योजनाबद्ध ढंग से लगातार चुनावी तैयारी करती ही आई है, इस बार कांग्रेस भी उत्साह में है।

पार्टी ने अभी अपने कार्यकर्ताओं से कुछ नहीं कहा है लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता खुद ही कह रहे हैं कि जब तक काम पूरा नहीं होगा समय कहां विश्राम का। यानी जब तक केंद्र की सत्ता में कांग्रेस की वापसी नहीं हो जाती कार्यकर्ता पूरे मनोयाग से जुटे रहेंगे।

भाजपा ने लोकसभावार आंकड़े जुटाने का काम शुरू किया है। जल्द ही सर्वे कराने की बात हो रही है। दिल्ली को लगातार रिपोर्ट भेजी जा रही है। कांग्रेस इस मामले में अभी थोड़ा पीछे जरूर है पर लोकसभा की तैयारी को लेकर सतर्क भी दिख रही है।

विधानसभा चुनाव के दौरान जो माहौल बना है उसे दोनों दल लोकसभा चुनावों तक बनाए रखना चाहते हैं। कार्यकर्ताओं को एकजुट रखकर लगातार फील्ड में सक्रिय रहने के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं।

क्यों सेमीफाइनल हैं विधानसभा के चुनाव

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव सेमीफाइनल इसलिए हैं क्योंकि इसके बाद कोई और चुनाव नहीं है। अब सीधे लोकसभा चुनाव होंगे। विधानसभा चुनाव उन राज्यों में हो रहे हैं जहां भाजपा की स्थिति मजबूत है।

तेलंगाना और मिजोरम को छोड़कर अन्य तीन राज्यों छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में 2014 में भाजपा ने एकतरफा बढ़त हासिल की थी। इन चुनावों को सेमीफाइनल मानकर ही प्रचार के दौरान दोनों बड़े दलों के नेताओं ने राष्ट्रीय मुद्दों को हवा भी दी।

दोनों दलों के बड़े नेताओं ने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भी राष्ट्रीय मुद्दों पर ही जोर दिया था। राहुल गांधी नोटबंदी, राफेल और जीएसटी पर बोलते रहे तो भाजपा नेता गांधी परिवार पर हमलावर रहे।

विधानसभा चुनाव के दौरान ही कार्यकर्ताओं को संदेश मिल गया था कि मुख्य लड़ाई तो 2019 की है। उसके लिए अभी से जुट जाना है।

1
Back to top button