पार्टी अध्यक्ष अमित शाह प्रचार समिति के साथ सुलझायेंगे 2019 के मुख्य नारे की गुत्थी

टीम के साथ इस पर करेंगे माथापच्ची

नई दिल्ली: आगामी लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी चुनाव जीतने के लिए के से एक थीम का उपयोग कर रहे हैं। 2014 में उन्होने अच्छे दिन आने वाले हैं की थीम पर लोकसभा चुनाव फतह की थी।

2019 के मुख्य नारे की गुत्थी सुलझाने में जुट गई है। पार्टी नेतृत्व को हाल में संपन्न राष्ट्रीय परिषद की थीम अबकी बार फिर मोदी सरकार में पिछले चुनाव की थीम की तरह अपील नहीं दिख रही।

मुख्य नारा तय करने के लिए हाल में गठित चुनाव प्रचार समिति की तीन बैठकों में किसी एक नारे पर सहमति नहीं बन पाई। अब बुधवार को खुद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह प्रचार समिति की टीम के साथ इस पर माथापच्ची करेंगे।

सूत्रों ने बताया कि इस विषय पर रविवार को भी समिति की मैराथन बैठक हुई। विकल्प के तौर पर फिर एक बार मोदी सरकार, एक बार फिर मोदी सरकार, मजबूर सरकार बनाम मजबूत सरकार जैसे नारों पर भी माथापच्ची हुई। हालांकि, इन नारों पर भी अंतिम फैसला नहीं लिया जा सका। समिति के सदस्यों को बुधवार की बैठक में नए विचार के साथ बुलाया गया है।

समिति इस संबंध में इस क्षेत्र के कुछ पेशेवरों की भी राय ले रही है। समिति के एक सदस्य ने बताया कि पार्टी नेतृत्व ऐसा मुख्य चुनावी नारा चाहता है, जिसमें पीएम मोदी का विराट व्यक्तित्व तो रेखांकित हो ही, साथ ही नारे के प्रति ऐसा आकर्षण पैदा हो जो लोगों की जुबान पर तेजी से चढ़े। नारा ऐसा भी नहीं हो जो 2004 के इंडिया शाइनिंग और फील गुड की तरह पार्टी को उल्टा पड़ जाए।

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