जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर की गाड़ी पर पथराव

छात्रसंघ चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप

पटना:

पटना यूनिवर्सिटी के कैंपस में सोमवार को जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्षप्रशांत किशोर की गाड़ी पर पथराव किया गया. वे कुलपति के दफ्तर से बाहर निकले ही थे तभी एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने छात्रसंघ चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगते हुए पथराव कर दिया.

इस घटना के बाद प्रशांत किशोर ने ट्वीट करके एबीवीपी पर निशाना साधा है. उन्होंने ट्वीट किया है, ‘एबीवीपी गुंडे और असामाजिक तत्वों से कुछ अच्छा करने की जरूरत है, जो कि आजकल बिहार में आपका चेहरा बन गए हैं.

पटना यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव में संभावित हार की घबराहट मेरी गाड़ी पर पत्थर मारने से कम नहीं होगी.’ इसके साथ ही उन्होंने ट्वीट में लिखा है, ‘मेरे जख्मी होने की खबर सही नहीं है. मैं ठीक हूं, मेरी चिंता करने के लिए शुक्रिया.’

जहां एक ओर यूनिवर्सिटी कैंपस में प्रशांत किशोर को लेकर ड्रामा चल रहा था, वहीं भाजपा विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात कर चुनाव में धांधली की शिकायत कर रहा था. राज्यपाल ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए कुलपति को तलब भी किया है.

वहीं, छात्र संघ चुनाव को लेकर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट करके नीतीश कुमार पर निशाना साधा है. उन्होंने लिखा है, ‘नीतीश जी, छात्र संघ चुनाव में आप इतने निम्नस्तर तक जाकर हस्तक्षेप कर रहे है कि आपके सहयोगी दल भाजपा के 8 विधायक,

मंत्री दो दिन से आपके और सरकार के खिलाफ प्रेस रिलीज जारी कर थू-थू कर रहे है. आपने अपने मित्र और महंगे निजी नौकरों तक को वीसी के पास भेजकर छात्र चुनाव में घिन्न मचा दिया है.’

एक अन्य ट्वीट में तेजस्वी ने लिखा है, ‘नीतीश कुमार जी, क्या सीएम आवास से अब छात्र संघ चुनाव में भी पैसा और शराब माफियाओं को पद बांटने का खेल खेला जाने लगा है?

अधिकारियों को विरोधी छात्र संगठनों और छात्रों को हराने व गिरफ्तार करने का आदेश दिया जा रहा है. आपके आवास से ऐसी गुंडागर्दी गलत संसदीय परंपरा है.

आदरणीय नीतीश कुमार , क्या सीएम आवास से अब छात्र संघ चुनाव में भी पैसा और शराब माफ़ियाओं को पद बाँटने का खेल खेला जाने लगा है? अधिकारियों को विरोधी छात्र संगठनों और छात्रों को हराने व गिरफ़्तार करने का आदेश दिया जा रहा है। आपके आवास से ऐसी गुंडागर्दी ग़लत संसदीय परंपरा है।

बता दें, छात्रसंघ चुनाव को लेकर भाजपा और बिहार में उसके सहयोगी दल नीतीश कुमार के जनता दल यूनाइटेड में तकरार भी देखने को मिली. जहां जदयू के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर भाजपा के निशाने पर आ गए हैं.

हालांकि, भाजपा ने सीधे तौर पर उनका नाम नहीं लिया है, लेकिन एक प्रेस नोट जारी करके कहा है, पुलिस, प्रशासन और ‘कुछ इवेंट मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स’ चुनाव प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं. प्रेस नोट में जहां इवेंट प्रोफेशनल्स की बात की जा रही है, उसे जदयू नेताओं की तरफ ईशारे के रूप में देखा जा रहा है.

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की जदयू के छात्र विंग के कार्यकर्ताओं से झड़प हो गई थी. इसके बाद जदयू की तरफ से एफआईआर दर्ज करवाई गई.

पुलिस ने एबीवीपी के स्थानीय दफ्तर पर छापेमारी की थी. इसके बाद भाजपा राज्य नेतृत्व ने इस कार्रवाई का जवाब देने के लिए विधान पार्षद डॉ. संजय पासवान और विधायक अरुण सिन्हा, नितिन नवीन एवं संजीव चौरसिया को उतारा, जिन्होंने संयुक्त प्रेस नोट जारी करके पुलिस और प्रशासन पर निशाना साधा.

Back to top button