जनऔषधि केंद्रों में जेनेरिक दवाएं नहीं, मरीज हो रहे परेशान

बिलासपुर।

जनऔषधि केंद्रों में 600 से ज्यादा जेनेरिक दवाएं बेचने के लिए सूची बनाई गई थी, लेकिन यहां 360 प्रकार की जरूरी दवाएं नहीं हैं। कंपनी ने दवाइयों की सप्लाई आधी कर दी है।

इसलिए मरीजों को सस्ते दामों की दवाइयों की जगह बाजार में मेडिकल स्टोर से महंगी दवाएं लेनी पड़ रही हैं। सीएमएचओ का कहना है कि दवा कंपनी को सप्लाई के लिए डिमांड भेज दिया है।

लेकिन यहां की दवा कंपनी की सप्लाई पूरी नहीं हो पा रही है। हालत ये कि बीपी, दर्द निवारक, लिवर, हार्ट जैसी बीमारी के लिए भी दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसे लेकर मरीज काफी परेशान हैं। जबकि दावा ये किया गया था कि छोटी बीमारी की दवाइयां भी सस्ते दामों में उपलब्ध कराई जाएंगी।

सभी जगह बुरा हाल

छत्तीसगढ़ में जेनेरिक दवाओं की सप्लाई करने वाली कंपनी को डिमांड के हिसाब से बड़े पैमाने पर दिल्ली से दवाइयां नहीं मिल रहीं। प्रदेश के 194 केंद्रों में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में ही दवाइयां भेजी जा रहीं, लेकिन यह खत्म हो जा रही हैं। किसी भी केंद्र में स्टॉक पूरा नहीं हो रहा है।

-ये दवाइयां नहीं मिल रहीं

जनऔषधि केंद्र में सिट्रीजिन 10 एमजी, मल्टी विटामिन कैप्सूल, पेंटाप्राजोल, बी कॉम्प्लेक्स, टेल्मीसार्टेन, मेटोकोलाल 50 एमजी, लिवोसेट्रीजिन 10 एमजी समेत कई प्रकार की दवाएं नहीं मिल रही हैं। जिससे मरीजों के परिजनों को महंगी दवाईयां खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।

-बढ़ी मुश्किलें :

पूरे प्रदेश में जरूरी दवाओं की सप्लाई आधी हो गई है। केंद्र की योजना होने की वजह से केंद्रीय स्तर पर दवाओं की खरीदी होकर यह गोदाम तक पहुंचती है। ऐसे में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के जेनेरिक दवा सेंटरों में दवा नहीं मिलने से मुश्किलें बढ़ गई हैं।

पत्र लिखा गया है

जन औषधि केंद्रों में दवाइयां नहीं मिल रही हैं। दवाई सप्लाई करने वाली रायपुर की कंपनी को पत्र लिखा गया है।
डॉ. बीबी बोर्डे, सीएमएचओ, बिलासपुर

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