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कोविड अस्पताल में मरीजों ने किया एक बार फिर हंगामा,फिर लगे मुर्दाबाद के नारे..!

KIT कोविड अस्पताल का मामला ! नाश्ते में मिला कीड़ा, चावल में मक्खी और बाल ! मरीजों के कमरों को नहीं किया जाता सेनीटाइज, ना बदले जाते चादर ! यहां वहां फैला कचरा.. ! मरीजों ने कलेक्टर को लिखा पत्र..!

हिमालय मुखर्जी ब्यूरो चीफ रायगढ़

रायगढ़। रायगढ़ में कोविड मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसके साथ साथ कोविड अस्पताल में व्यवस्था की पोल दिन-ब-दिन खुलती जा रही है। साफ सफाई,कभी खाना ना मिलना, तो कभी खाना में कीड़े मिलने जैसी बात भी सामने आई है। ना सेनीटाइज होता है ना ही बेडशीट और चादर बदले जाते हैं। ऐसा हमारा कहना नहीं है बल्कि वहां के मरीजों ने खुद कैमरे के सामने आकर सारी बातें कहीं है। इतना ही नहीं उन्होंने आज जिला कलेक्टर को इस बाबत पत्र भी लिखा है।

नाश्ते में मिला कीड़ा

ऐसा ही वीडियो 27 अगस्त को रायगढ़ मेडिकल कॉलेज के कोविड-19 केयर अस्पताल से आया था जिसमें मरीजों ने आरोप लगाया था कि उन्हें दोपहर 3:30 बजे तक ना नाश्ता मिला ना खाना वहां ना कोई मेडिकल स्टाफ था और ना ही उन्हें दवाइयां मिली। इसके साथ ही आज एक और वीडियो सामने आया है यह है रायगढ़ में केआईटी कॉलेज में बने कोविड-19 अस्पताल की। इस बार फिर मुर्दाबाद के नारे लगे
कॉलेज के इस अस्पताल में मरीजों ने बताया कि उन्हें नाश्ते में कीड़े मिले हैं। चावल में मक्खी मिलती है, बाल मिलती है।

मरीज काफी बौखलाए और गुस्से में

जिसके बाद उन्होंने खाना वापस लौटा दिया इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि यहां सफाई भी नहीं होती और ना ही मरीज जहां रहते हैं। वहां सेनीटाइज होता है। इसके लिए उन्होंने जिला कलेक्टर को पत्र भी लिखा है। मरीज काफी बौखलाए और गुस्से में थे।जब मरीजों ने वहां सफाई के लिए और सैनिटाइज के लिए सफाई कर रहे कर्मी को कहां तो उसका जवाब तो बिल्कुल चौका देने वाला था उन्होंने मरीजों से साफ तौर पर कहा अपने रूम की सेनीटाइज खुद कर लो।

 

नीचे वीडियो में इसे आप साफ तौर पर देख सकते हैं।मरीजों ने इस बाबत जिला कलेक्टर को संज्ञान लेने के लिए एक पत्र लिखा है। इस पत्र को अस्पताल प्रबंधन के द्वारा टेबल पर रखवा दिया गया। नीचे आप उसकी कॉपी देख सकते हैं जिसमें उन्होंने जिला कलेक्टर से अपनी पूरी व्यथा बताई है।

3 दिनों के भीतर यह दूसरी घटना है। जब मरीजों ने अस्पताल के भीतर हंगामा किया है। समस्या वही ! यहां की व्यवस्था और इस बार तो हद पार कर दी गई है। मरीजों के खाने में अगर कीड़ा निकलता है तो समझिए कि खाना कितना स्वास्थ्य के लिए हितकर होगा इसे कोई आम आदमी खा ले तो उसका क्या हाल होगा यह तो मरीज है। ऐसे मरीज जिनको ना कोई देखने आता है, ना ही कोई इनकी सुध लेता है। ऐसे में साफ साफ कहा जा सकता है। यह अस्पताल भगवान भरोसे ही चल रहा है और मरीज भी भगवान भरोसे ही ठीक हो रहे हैं।

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