वाराणसी से प्रियंका के चुनाव लड़ने की अटकलों पर विराम, अजय राय को टिकट

नई दिल्ली। वाराणसी लोकसभा सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के चुनाव लड़ने की अटकलों पर बृहस्पतिवार को उस वक्त विराम लग गया जब पार्टी ने अजय राय को इस सीट से उम्मीदवार घोषित कर दिया।

पार्टी की ओर से जारी उम्मीदवारों की सूची के मुताबिक, वाराणसी से अजय राय और गोरखपुर से मधुसूदन तिवारी को उम्मीदवार बनाया गया है। पिछले कई हफ्ते से यह अटकलें चल रही थीं कि प्रियंका वाराणसी से मोदी को चुनौती दे सकती हैं। पार्टी और खुद प्रियंका की तरफ से ऐसे संकेत मिले थे जिनसे इस अटकल को और बल मिला था।

अजय राय ने 2014 में भी मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़ा था लेकिन वह तीसरे स्थान पर रहे थे।

दिलचस्प है वाराणसी लोकसभा सीट का इतिहास

वाराणसी लोकसभा सीट का इतिहास दिलचस्प है। 1952 से 1962 तक तीन लोकसभा चुनावों में यहां सेकांग्रेस प्रत्याशी ने जीत हासिल की, जबकि 1967 के चुनाव में भाकपा ने पहली और आखरी बार अपना नाम यहां से दर्ज कराया। 1971 में एक बार फिर कांग्रेस को यहां से विजय हासिल हुई, लेकिन 1977 में जनता लहर के दौरान कांग्रेस हारी और चंद्रशेखर ने परचम लहराया।

1980 में एक बार फिर कांग्रेस लौटी और 1984 में भी जीती। 1989 में जनता दल से अनिल कुमार शास्त्री जीते। इसके बाद चार चुनावों में भाजपा ने परचम लहराया। एक बार शिरीष चंद्र दीक्षित, तीन बार शंकर प्रसाद जायसवाल को जीत मिली। 2004 में कांग्रेस ने वापसी की अौर राजेश मिश्रा सांसद बने। 2009 में बीजेपी ने फिर सीट अपने कब्जे में की अौर डॉ. मुरली मनोहर जोशी सांसद बने।

वर्ष सांसद पार्टी

1952 रघुनाथसिंह कांग्रेस
1957 रघुनाथसिंह कांग्रेस
1962 रघुनाथसिंह कांग्रेस
1967 सत्यनारायण सिंह भाकपा
1971 राजाराम शास्त्री कांग्रेस
1977 चंद्रशेखर जनता पार्टी
1980 कमलापति त्रिपाठी कांग्रेस (इंदिरा)
1984 श्यामलाल यादव कांग्रेस
1989 अनिल कुमार शास्त्री जनता दल
1991 शिरीषचंद्र दीक्षित भाजपा
1996 शंकर प्रसाद जायसवाल भाजपा
1998 शंकर प्रसाद जायसवाल भाजपा
1999 शंकर प्रसाद जायसवाल भाजपा
2004 डॉ. राजेश कुमार मिश्रा कांग्रेस
2009 डॉ. मुरली मनोहर जोशी भाजपा
2014 नरेंद्र मोदी भाजपा

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