जम्मू में PDP को झटका, यूथ विंग के उपाध्यक्ष अपने समर्थकों समेत बीजेपी में शामिल

जम्मू : जम्मू कश्मीर में जब से पीडीपी-बीजेपी का गठबंधन टूटा है तभी से पीडीपी के नेता एक-एक कर साथ छोड़ते जा रहे हैं. बीते सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के मामा सरताज मदनी ने पीडीपी के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया. इस सदमे से पार्टी अभी उबर भी नहीं पाई थी कि एक और नेता ने पीडीपी का साथ छोड़ दिया है. जम्मू में युवा शाखा के उपाध्यक्ष विक्रम सिंह अपने 10 से अधिक समर्थकों के साथ शुक्रवार को बीजेपी में शामिल हो गए.

बीजेपी के प्रदेश प्रमुख रवींद्र रैना ने अपनी पार्टी में सिंह का स्वागत किया. पार्टी मुख्यालय में हुए समारोह में बीजेपी के प्रदेश महासचिव युद्धवीर सेठी और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कविंद्र गुप्ता शामिल हुए. सिंह ने कहा कि वह सही जगह पर आ गए हैं. उन्होंने यह आरोप लगाया कि पीडीपी ने सत्ता में आने के बाद जम्मू और लद्दाख क्षेत्र की अनदेखी की है.

पीडीपी में कई नेताओं के बागी तेवर : बीजेपी-पीडीपी गठबंधन टूटने के बाद पीडीपी के कई विधायकों अपनी ही पार्टी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर चुके हैं. हाल ही में पीडीपी के विधायक अब्दुल मजीद पेड्डर ने यह कहकर सियासी तापमान अचानक बढ़ा दिया कि पीडीपी के 28 विधायकों में से 18 विधायक बीजेपी के साथ गठबंधन कर सरकार बनाने के ख्वाहिशमंद हैं.

उनका कहना था कि जब हमारे नेता दिवगंत मुफ्ती मोहम्मद सईद बीजेपी के साथ गठबंधन कर सकते हैं तो हम लोग गठजोड़ क्यों नहीं कर सकते? राज्य में महबूबा मुफ्ती सरकार के गिरने के बाद से चार पीडीपी विधायकों ने सार्वजनिक रूप से महबूबा पर परिवारवाद का आरोप लगाकर उनकी आलोचना की थी.

तीन सप्ताह पहले ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं इमरान अंसारी और उनके चाचा आब्दी अंसारी सहित कई विधायकों ने मुफ्ती पर भाई-भतीजावाद का आरोप लगाते हुए सवाल किया था कि आखिर पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने आसपास परिजनों और मित्रों का जमघट क्यों लगा रखा है. पिछले महीने बीजेपी राज्य में पीडीपी के साथ गठबंधन से अलग हो गई थी जिसके बाद राज्य में राज्यपाल शासन लगाया गया. पिछले एक दशक में राज्य में चौथी बार राज्यपाल शासन है.

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