छत्तीसगढ़

पड़ोसी जिले में खप रहा पीडीएस का चावल, जांच में हुआ खुलासा, मुख्य आरोपी को बक्श देने की चर्चा

मामला पसान थाना अंतर्गत जिले के सरहदी गांव कुम्हारी दरीं की

कोरबा: सरकारी राशन दुकान के संचालक गरीबों का चावल बेचकर मालामाल हो रहे हैं. ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें पुलिस व प्रशासन की टीम ने सरकारी चावल से भरे पिकअप को पकड़ लिया. इस पिकअप में 20 बोरी चावल के अलावा धान, डोरी व लाख लेकर चालक कोरिया के लिए रवाना हुआ था. मामले में लीपापोती की आशंका जताई जा रही है. हालांकि वाहन को पुलिस के हवाले किया गया है.

मामला पसान थाना अंतर्गत जिले के सरहदी गांव कुम्हारी दरीं की है. दरअसल पुलिस व प्रशासन के अफसरों को कुम्हारी दर्री से सोसायटी के चावल खपाने के लिए कोरिया ले जाए जाने की सूचना मिली थी. इस सूचना के आधार पर नायब तहसीलदार सुनील कुमार कुलमित्र व थाना प्रभारी श्री राणा टीम के साथ गांव पहुंचे. इस दौरान उनकी नजर पिकअप क्रमांक सीजी 16-1941 पर पड़ी.

इस पिकअप की ट्राली नीले रंग के तिरपाल से ढंका हुआ था. टीम ने संदेह होने पर वाहन की तलाशी ली. इस दौरान पिकअप में 20 बोरी चावल के अलावा 05 बोरी डोरी, तीन बोरी लाख व धान मिला. पूछताछ के दौरान वाहन के चालक ग्राम बोडेमुड़ा जिला कोरिया निवासी अमित कुमार ने पिकअप में लोड चावल की सोसायटी के संचालक रामकुमार गोड़ से 16 रुपए प्रति किलो की दर से खरीदकर ले जाते की जानकारी दी.

टीम ने जब मामले की तस्दीक की तो संचालक ने भी माह अगस्त में वितरण के लिए आबंटित चावल को बेचना स्वीकार कर लिया. उनके बयान के आधार पर टीम चावल से भरे पिकअप को थाने ले आई.जहां नायब तहसीलदार ने वैधानिक कार्यवाही उपरांत चावल लोड पिकअप समेत तमाम जब्त सामग्री को पुलिस के हवाले कर दिया.

मामले में जांच पड़ताल की जा रही है. मामले को लेकर नायब तहसीलदार श्री कुलमित्र व थाना प्रभारी श्री राणा से चर्चा का प्रयास किया गया, लेकिन मोबाइल पर संपर्क नहीं हो सका.

नॉन गोदाम से निकले चावल में हुई थी हेराफेरी

कुम्हारी दरी चावल अफरा तफरी का केन्द्र बन चुका है. दरअसल बीते वर्ष भी सोसायटी के चावल में गड़बड़ी का मामला सामने आया था. सोसायटी के लिए नॉन गोदाम से चावल लोड कर रवाना किया गया था. पुलिस व प्रशासन की टीम ने रास्ते में ही चावल को किसी अन्य वाहन में लोड करते पकड़ लिया था. खासबात तो यह है कि इस दौरान भी अफरा तफरी में शिक्षक का नाम सामने आया था, लेकिन अफसरों ने नजर अंदाज कर दिया..।

शिक्षक को बख्श देने की चर्चा

इस पूरे मामले में को लेकर ग्रामीण क्षेत्र में लीपा पोती की चर्चा सरगर्म है. सूत्रों की मानें तो पुलिस प्रशासन की टीम गांव पहुंची तो विजय बहादुर नामक शिक्षक के घर से सोसायटी का चावल पिकअप में लोड हो रहा था. अफसर शिक्षक को अपनी कार में बिठाकर पसान लाए थे. उसे थाना के बजाए निवास में ले जाया गया था. इस दौरान उसे किसी से मोबाइल पर बातचीत नहीं करने दी गई लेकिन कार्रवाई में कहीं भी शिक्षक का जिक्र ही नहीं है.

छह घंटे में 10 किलोमीटर का सफर

पुलिस प्रशासन ने चावल अफरा-तफरी के मामले में कार्रवाई तो की है लेकिन इस कार्रवाई में कई सवाल खड़े हो गए हैं. बताया जा रहा है कि टीम ने सुबह 10 बजे ही गांव पहुंचकर वैधानिक कार्रवाई पूरी कर ली थी. सोसायटी के चावल से भरे पिकअप को पसान के लिए रवाना किया गया था. यह वाहन कुम्हारी दर्री से पसान के बीच 10 किलोमीटर का सफर छह घंटे में पूरा कर थाना पहुंचा. इस लेट लतीफी की वजह को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं.

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