मोर पंख है नवग्रह का प्रतीक जिससे दूर होंगे कुंडली दोष के साथ वास्तुदोष

यदि मोर का पंख आप अपने घर में सही जगह रखते हैं तो आपको लाभ होता

भगवान कृष्ण के मुकुट पर विद्यमान मोर पंख को सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। इस कारण से यदि मोर का पंख आप अपने घर में सही जगह रखते हैं तो आपको लाभ होता है।

जैसे अगर आपको काफी समय से किसी कार्य को पूरा करने में लगातार रुकावटों का सामना करना पड़ रहा है तो आप अपने बेडरूम की पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा में मोर पंख लगाएं। ऐसे उस कार्य के पूर्ण होने के योग बनते नजर आ सकते हैं।

ज्योतिषशास्त्र में मोर पंख का काफी महत्व है। इसे नवग्रह का प्रतीक भी माना जाता है, जिस कारण इससे कुंडली के कई दोष दूर होने के साथ ही वास्तु दोष भी दूर होते हैं। दरअसल ऐसी मान्यता है कि मोर पंख आपके आसपास रहने से वहां नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव कम होता है।

ऐसी मान्यता है कि इस बारे में भगवान शिव ने एक बार माता पार्वती को शक्तिशाली व तपस्वी संध्या नामक असुर की कथा सुनाई थी।

उन्होंने बताया कि संध्या नामक असुर ने अपनी घोर तपस्या से शिवजी को प्रसन्न कर कई तरह की शक्तियां वरदान में प्राप्त कर लीं।

जिसके बाद भगवान विष्णु के भक्तों पर अत्याचार करने के साथ ही उसने स्वर्ग पर आधिपत्य जमाकर, सभी देवी-देवताओं को कैद कर लिया।



जिसे परास्त करने के लिए सभी देवी-देवता व नवग्रह मोर पंख में विराजित हो गए। जिससे उस असुर का वध हुआ और तभी से मोर पंख को पूजनीय-पवित्र माना जाने लगा।

अगर आप अपने व्यापार में उन्नति का मार्ग प्रशस्त करना चाहते हैं तो अपने ऑफिस या दुकान में दक्षिण-पूर्व दिशा में मोर पंख लगाकर देखें। शास्त्र के अनुसार, ऐसे घर-परिवार की आर्थिक समस्या हल होने के साथ ही पैसों की तंगी में कमी आती है।

ऐसी मान्यता है कि मोर पंख में शत्रुओं को भी मित्र बनाने की शक्ति छुपी होती है। माना जाता है कि यदि आप महाबलि हनुमान के मस्तक से सिंदूर लेकर जिस व्यक्ति से आपके संबंधों कुछ कट्टू चल रहे हैं, उसका नाम पंख पर लिखें।

उसके बाद रातभर मंदिर में रखने के बाद उसे अगली सुबह जल में प्रवाहित कर दें तो आपको अचूक लाभ मिलता है।

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