खूंटी गैंगरेप: आरोपी निकला उग्रवादी संगठन पीएलएफआई का एरिया कमांडर

रांची।

खूंटी गैंगरेप कांड के जिस आरोपी की तस्वीर पुलिस ने जारी की उसकी पहचान हुई है। आरोपी उग्रवादी संगठन पीएलएफआई का एरिया कमांडर निकला है। उसका नाम बाजी समद उर्फ टकला बताया जाता है। वह अक्सर हथियारों के साथ खूंटी के जंगलों में देखा जाता है। बता दें कि खूंटी के कोचांग गांव में पांच युवतियों के साथ दिनदहाड़े गैंग रेप की घटना को अंजाम दिया गया है। मानवता को शर्मसार करने वाली यह घटना मंगलवार को दिन के एक बजे हुई। पहले घटना को दबाने की कोशिश हुई, लेकिन बाद में मामले खुल गया।

क्या है मामला :

मंगलवार को एक गाड़ी से संगठन के लोग कोचांग में नक्कड़ नाटक करने गये थे। कोचांग की दूरी खूंटी जिला मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर है। नाटक करने वाली टीम में पांच युवतियों समेत समेत कुल 11 लोग शामिल थे। नाटक का आयोजन कोचांग के आरसी चर्च परिसर स्थित आरसी मिशन स्कूल में था। दोपहर एक बजे कुछ हथियारबंद लोग वहां पहुंचे और नाटक का प्रदर्शन रुकवा दिया। इसके बाद उन लोगों ने नाटक में शामिल सभी युवतियों और अन्य को जबर्दस्ती उसी गाड़ी में बैठा लिया, जिससे वे लोग वहां पहुंचे थे।

गांव के लोगों के अनुसार इन युवतियों को लेकर अपहर्ता पास के जंगल में चले गये। लगभग तीन घंटे के बाद अपहर्ताओं ने टीम के सभी सदस्यों को छोड़ दिया। इस दौरान उन लोगों ने टीम में शामिल पांचों युवतियों के साथ दुष्कर्म किया।

वीडियो भी बनाया

दुष्कर्म की घटना का वीडियो बनाये जाने की बात भी सामने आ रही है। घटना को अंजाम देने वालों ने युवतियों को धमकाया था कि वे ये बात किसी को नहीं बताएंगी और उन्हें जब बुलाया जाए वे आएंगी। ऐसा नहीं करने पर वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। डीआईजी ने कहा कि वीडियो की जानकारी अब तक पुलिस के पास नहीं आई है। उन्होंने कहा कि पीड़िताओं की सुरक्षा और पुनर्वास की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन निभाएगा।

घटना को दबाने की कोशिश

डीआईजी ने कहा कि इस अमानवीय घटना को दबाने की पूरी कोशिश की गई। अपुष्ट जानकारियों के आधार पर जिले के डीसी सूरज कुमार और एसपी अश्विनी कुमार सिन्हा ने इसकी जांच शुरू की।

बुधवार की रात एक पीड़िता को ढूंढ़ निकाला गया। उससे पूछताछ के बाद अन्य पीड़िताओं को भी प्रशासन ने ढूंढ़ निकाला। इनके अलावा टीम के पुरुष सदस्यों से लगभग छह घंटे तक डीआईजी एवी होमकर, डीसी सूरज कुमार, एसडीएम प्रणव कुमार पॉल, महिला थाना प्रभारी मीरा सिंह समेत विधिक विशेषज्ञों ने गहन पूछताछ की।

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