छत्तीसगढ़

सब्जी के दामों में हो रहे इजाफे को देखकर हैरान होते जा रहे लोग

सब्जी के बढ़ रहे दामों को लेकर सब्जी के थोक विक्रेता आज के समय में डर रहे

रायपुर: सब्जी के बढ़ रहे दामों को लेकर सब्जी के थोक विक्रेता आज के समय में डर रहे हैं। सब्जी के फुटकर व्यापारियों से बात-चीत की तब पता चला कि शास्त्री बाजार में सब्जी की जब बोलिया लगती है तब उसी बोली में सब्जी के दाम बढे हुए दिखते हैं जिसकी वजह से फुटकर सब्जी विक्रेताओं को सब्जी के दाम 2 गुना बढ़ाकर बेचना पड़ता हैं।

23 मार्च से लॉकडाउन के समय में सब्जी के दामों में बढ़त नहीं हुई थी मगर जैसे-जैसे लॉकडाउन का समय बीतता गया वैसे-वैसे सब्जी के दामों में अंतर दिखते जा रहा हैं। इसे देखते हुए लोग बाजार में सब्जी लेने बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। इससे व्यापारियों ने भी कीमत बढ़ा दी है।

सब्जी खरीदने के लिए बाजार में बेतहाशा भीड़ उमड़ रही है। इससे सब्जियों के दाम एक बार फिर बढ़ गए हैं। इसका फायदा सब्जी व्यापारियों को मिल रहा है। सब्जियों पर असर देखने को मिल रहा है।

सब्जी विक्रेता भी हुए परेशान :

राजधानी में सब्जियों के बढ़े हुए दाम ने लोगों का मुंह तक कड़वा कर दिया है, थोक सब्जी बाजार हो या फूटकर सभी जगह सब्जियों के दाम लोगों का मुंह बढ़ा रहे हैं, रायपुर के सबसे बड़े सब्जी बाजार शास्त्री बाजार में भी सब्जियों के दाम काफी बढ़े हुए हैं।

सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि वो खुद परेशान हैं सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि बारिश ने बाडिय़ों की सब्जी गला दी है, इसके चलते सब्जियों की आवक कम हो रही है और यही कारण है जिससे सब्जियों के दाम बढ़ें हैं। कोरोना काल के बीच लगातार बढ़ रही महंगाई ने लोगों का बजट बिगाड़ दिया है। खासकर सब्जी की बढ़ती कीमत ने लोगों का जायका भी बिगाड़ दिया है।

लॉकडाउन के बाद से किचन के बजट में डेढ़ से दो गुना का इजाफा हो चुका है, बाजार में सब्जियों के दाम भी काफी बढऩे लगे हैं। रही सही कसर बारिश ने पूरी कर दी है। कोरोना वायरस के दौरान लोगों की आर्थिक स्थिति पहले ही खराब हो चुकी है, ऐसे में शाक सब्जी समेत अन्य सामानों की कीमत में इस तरह से बढ़ोतरी लोगों का कमर तोड़ चुका है।

बारिश ने भी किया किसानों को परेशान :

पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश से सब्जी की फसल का नुकसान हो गया है, ऐसे में राजधानी के बाजार में सब्जी की कीमत में बेतहाशा वृद्धि हो गई है, रायपुर में सबसे अधिक महंगी मेथी और अदरक और लहसुन बिक रही है। किसानों को भी उनके द्वारा उगाई खेती का पूरा पैसा नहीं मिल पा रहा हैं।

किसान लोगों के लिए अनाज उगाते हैं। और उसे मंडी में बेच देते हैं। मगर आज हालात ऐसी है कि मंडियों में भी उन्हें सहीं दामों में सब्जी की बिक्री का पैसा नहीं मिल पा रहा हैं। जिससे कई किसान भी बहुत परेशान होते जा रहे हैं।

इस तरह रही कीमत बाज़ारों में :

चिल्हर बाजार में आलू 40 रुपये किलो, प्याज 30 रुपये किलो, बैंगन 40 रुपये किलो, परवल 40 रुपये किलो, फूल गोभी 50 से 60 रुपये, टिंडा 120 से 180 रुपये, बैगन 40 से 60 रुपये, लौकी 30 से 40 रुपये, भिंडी 50 से 60 रुपये, टमाटर 40 से 80 रुपये प्रति किलोग्राम की दर पर बिक रही है. इसके अलावा मुनगा 60 से 80 रुपये, 80 से 100 रुपये, मिर्ची- 60 से रुपये, मेथी 120 से 150 रुपये प्रति किलोग्राम, अदरक 90 से 100 रुपए लहसुन 150 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है।

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