लोग गर्मी में ऐसे बनाते हैं तीखूर का शरबत, जानिए इसके फायदे

कोण्डागांव। सूरज अपनी तेज तपिश से लोगों को बेहाल कर रहा है। भीषण गर्मी कंठ को सुखा रही है और शरीर को भी झुलसा रही है। बस्तर के वन आक्षादित क्षेत्रों में भी इस वक्त तेज गर्मी पड़ रही है। यूं तो यहां के बाजार में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के शीतल पेय उत्पाद पेप्सी, कोका कोला, स्प्राइट आदि अब मिलने लगे हैं, लेकिन स्वास्थ्य पर ऐसे पैकेज ड्रिंक का बुरा असर भी पड़ता है।

ऐसे में बस्तर के लोग अपने पारंपरिक शीतल पेय से ठंडकता का अहसास कर रहे हैं। यहां के लोकप्रिय शीतल पेय पदार्थों में से एक है तीखुर का शरबत। बस्तर वासी सदियों से यहां के वनों में पाए जाने वाले प्राकृतिक वनोपज तीखुर के कंद का उपयोग करते आ रहे हैं। जिसके सेवन से लोगों को लू के थपेड़े वाली तेज गर्मी से भी कुछ हद तक राहत मिलती है।

वनोपज व प्राकृतिक उत्पाद होने के चलते स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभप्रद है। यहां के निवासियों के लिए आर्थिक आय का अच्छा स्रोत बन भी रहा है। तीखुर बस्तर के वनों में बहुतायत से पाया जाने वाला एक विशेष प्रकार का कंद है। कंद से बरसात के मौसम में जंगल में इसके पौधे उत्पन्न् होते हैं। वनों से पौधे के कंद को एकत्रित कर ग्रामीण तीखुर का निर्माण करते हैं। इसके बाद इसका उपयोग शरबत और बर्फी बनाने में किया जाता है।

ऐसे तैयार होता है तीखुर

तीखुर के कंद को छलनी से रगड़ कर और सिल-बट्टे से पीसकर उसका पेस्ट तैयार किया जाता है। पेस्ट को हंडी के पानी में घोलकर रात भर छोड़ देते हैं। रात भर रखने के पश्चात सुबह हंडी के तली में सफेद रंग का पदार्थ जमा हो जाता है। हंड्डी के पानी को निथार कर पाउडर की तरह दिखने वाले सफेद पदार्थ को अलग करते हैं। दो-तीन बार साफ पानी से धो कर उसे धूप में सुखा देते हैं। यही शुद्ध तीखुर होता है।

खनिज तत्वों से भरपूर, इन बीमारियों में है लाभकारी

चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर चंद्रभान वर्मा ने बताया कि ठंडी तासीर व क्षेत्र में प्रचुरता से उपलब्ध होने के चलते यहां के निवासी गर्मी में लू से बचाव के लिए तीखुर का शरबत की तरह उपयोग करते हैं। इसमें मुख्य रूप से स्टार्च, पारारोट, ग्लूकोस, कार्बोहाइड्रेट आदी अन्य खनिज तत्व प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह पाचन क्रिया ठीक करने वाला और हृदय की बीमारियों में टानिक की तरह काम करता है। टीवी, अस्थमा, पथरी, जलन, कुपोषण, कमजोरी आदि के लिए रामबाण औषधि है।

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