राजधानी के लोग है सेहत के प्रति सजग कर रहे ऑक्सोमीटर का प्रयोग

खास बात ये है कि अब ये मशीन एक साथ तीन-तीन बीमारियों का लेखा-जोखा बता देती हैं। इसमें एक है एक्यूमीटर।

रायपुर।
आपकी चाल, आपके खाने का हाल, शरीर दुबला हुआ कि मोटा, ये सभी जानकारी अब डॉक्टर्स नहीं, घर पर रखी मशीन दे रही है। राजधानी के लोग अब सेहत के प्रति सजग हो रहे हैं।

मधुमेह, बीपी रोजाना नापा जा रहा है। ये हम नहीं, मेडिकल स्टोर में इन मशीनों की बढ़ती मांग बता रही है। इन्हें खरीदने वालों की संख्या अब एक-दो नहीं है। रोजाना हजारों की संख्या में इसकी बिक्री हो रही है।

खास बात ये है कि अब ये मशीन एक साथ तीन-तीन बीमारियों का लेखा-जोखा बता देती हैं। इसमें एक है एक्यूमीटर। इससे बीपी, शुगर और थाइराइड तीनों की जानकारी एक साथ मिल रही है।

वहीं दूसरी ओर बढ़ते अस्था के मरीजों के लिए भी ऑक्सोमीटर मशीन आई है, जो शरीर में कितनी मात्रा में ऑक्सीजन है, कहीं कम हुई तो तत्काल मशीन उसकी जानकारी देने लगती है। इसके साथ ही डॉक्टर्स की बताई दवा को बताने लगती है।

खास है एक्यूमीटर

सामान्यतः थाइराइड की जांच लैबोटरी में महंगी पड़ती है। वहीं बीपी और शुगर की जांच रोजाना लैब में करवाना संभव नहीं हो पाता।

इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर थाइराइड, बीपी और शुगर तीनों को जांचने की एक ही मशीन आई है। इसे राजधानीवासी खूब पसंद भी कर रहे हैं।

इससे पहले शुगर और बीपी की मशीन अलग-अलग आती थी। अब तीनों बीमारियों की जानकारी एक साथ मशीन में मिल जाती है।

अंगुलियों में फंसाते हैं

प्रदूषण के कारण दिन प्रतिदिन बढ़ रहे अस्थमा और दमा के मरीजों के लिए ऑक्सोमीटर वरदान बन रहा है। इस मशीन से शरीर में कितने मात्रा में ऑक्सीजन है और कितने प्रतिशत की कमी है।

सभी की सूचना आसानी से मिल जाती है। हाथों की अंगलियों में फंसा कर आसानी से मरीज के शरीर की ऑक्सीजन जांची जा सकती हैं ।

एक से दो हजार रुपये में मिलती है मशीन

बीपी, शुगर और थाइराइड की मशीन- दो हजार से चार हजार तक

ऑक्सोपेड – दो हजार से पांच हजार तक

रोजाना उपयोग में आने वाली मशीनों में बीपी, शुगर और थाइराइड शामिल हो गई है। इसके अलावा अस्था की मशीन भी लोग खूब खरीद रहे हैं। इन मशीनों का करीब सालाना पांच करोड़ रुपये का कारोबार होता है।<>

 

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