छत्तीसगढ़

बिल्ली जैसी आंखों वाला सांप देखकर हैरत में पड़ गए लोग

अब कोरबा में जहां-तहां सर्प मिलना आम बात हो गई है।

Korba News कोरबा। फर्श पर यहां-वहां सरकते सर्प को देख एक मकान के लोगों की आंखें तब फटी की फटी रह गईं, जब उनकी नजर उसकी आंखों पर पड़ी। इस सर्प की आंखें बिल्ली की तरह का उभार लिए हुए थीं, जिसकी अजीब सूरत और सुस्त चाल से परिवार के लोग सहम गए। सूचना मिलने पर वहां पहुंचे स्नेक रेस्क्यू टीम के सर्प मित्रों ने बताया कि यह एक कामन कैट सर्प है, जिसे उसकी आंखों की आकृति के लिए यह नाम दिया गया है।

अब कोरबा में जहां-तहां सर्प मिलना आम बात हो गई है। बारिश के मौसम की शुरूआत से लेकर अब तक ढेर सारे सर्प की प्रजाति इस बार पकड़ी और जंगल में छोड़ी जा चुकी है, जिससे कोरबा को दूसरे सर्प लोक की संज्ञा भी दी जाने लगी है। इसी क्रम में यह सर्प खरमोरा बस्ती में रहने वाले उमेश कर्ष के घर पर नजर आया। तत्काल उमेश ने स्नेक रेस्क्यू टीम के प्रमुख जितेंद्र सारथी को सूचित किया, जो उसी वक्त एक और जगह घातक जहर वाले सर्प घोड़ा करैत की रेस्क्यू कर रहे थे।

उन्होंने अपनी टीम के एक सदस्य को वहां भेजा, जिन्होंने मोबाइल पर तस्वीर लेकर जितेंद्र से पहचान कराई। जितेंद्र ने बताया कि यह एक कामन कैट सर्प है, जिसे सदस्य ने रेस्क्यू कर लिया और तब जाकर उमेश व उसके परिवार ने राहत की सांस ली। इसके बाद वन विभाग को औपचारिक सूचना दी गई और कोरबा रेंजर सियाराम कर्माकर के मार्गदर्शन में उसे दुर्लभ सर्प को जंगल में सुरक्षित विचरण के लिए छोड़ दिया गया।

रहता आस-पास है पर कम दिखता है

सर्प मित्र जितेंद्र ने बताया कि आम तौर पर कामन कैट का ठिकाना मानव आबादी के आस-पास ही होता है, लेकिन यह छुपा हुआ रहता है और कम ही दिखाई देता है।

इसी वजह से यह प्रजाति दुर्लभ मानी गई है। अन्य सर्प की तरह यह भी कभी एक जगह पर नहीं टिकता, पर आहार के लिए सरीश्रृप जैसे छिपकली, गिरगिट, मेंढक, उनके अंडे होते हैं, जिनकी तलाश में वह भटकता रहता है। सुस्त चाल के चलते कई बार सामने होकर भी इसे हम देख नहीं हो पाते। इसी छद्मावरण्ा के गुण से यह खुद को बड़े शिकारियों से सुरक्षित कर पाता है।

जहर कम पर बच्चों के लिए जानलेवा

कामन कैट सर्प अपेक्षाकृत कम विषैला होता है, जिसके काटने पर बड़ोें पर उसका कुछ खास असर नहीं होता। इसके बावजूद पांच साल तक की आयु के बच्चों के लिए इस सर्प का जहर घातक व जानलेवा हो सकता है।

इसलिए इस सर्प के दिखाई देने पर खासकर छोटे बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए रेस्क्यू करते वक्त सावधानी रखना अनिवार्य हो जाता है। सर्प की इस प्रजाति में लंबाई साढ़े तीन से चार फीट तक हो सकता है। कई मामलों में यह पांच फीट तक की लंबाई में भी पाया गया है। खरमोरा में रेस्क्यू किया गया सर्प करीब डेढ़ फीट का था।

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button