छत्तीसगढ़

लोक सुराज से साकार हुआ सुशासन का सपना : डॉ. रमन

सुराज अभियान देश में सबसे बड़ा सोशल ऑडिट, इसी फीडबैक से निकली हैं कई योजनाएं

रायपुर : लोक सुराज अभियान को देश में सबसे बड़े सोशल आॅडिट बताते प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह ने कहा कि सरकार के सामने 2003 में चुनौती थी कि कैसे जीवन स्तर में बदलाव और प्रशासन में पारदर्शिता लाया जाए। उन्होंने कहा कि 2005 में इस अभियान की शुरुआत की गई। ताकि जनता के बीच बैठकर फर्स्ट हैंड इन्फॉर्मेशन लिया जा सकसे। इससे कई नई योजनाओं का जन्म हुआ। 4. 63 लाख सायकिल देने की सरस्वती साइकिल योजना इसी का नतीजा है, इससे बालिकाओं के उनके स्कूल जाने का प्रतिशत बढ़ा।

डॉ. रमन ने कहा कि इसी अभियान का नतीजा है कि कुपोषण का विषय सामने आया तो पीडीएस को मजबूत करने की योजना बनाई। इसी अभियान से सबक सीखा कि जिस सिस्टम से 50 प्रतिशत लोग संतुष्ट नहीं है, उसे बदलना होगा। स्कूलों में सुपोषण आहार देने की योजना शुरू की तो इसके बेहतर नतीजे सामने आए। तेंदूपत्ता संग्राहकों के परिवार के लिए कई योजनाएं बनाई। उनके जीवन में परिवर्तन आया। बिजली, गांव में इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे मांग आए। हमने उसके लिए भी काम किया। छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी चुनौती थी, उसे सौभाग्य योजना के तहत 4 महीने में सब घरों में बिजली पहुंचा दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि शत प्रतिशत शौचालय बन चुके हैं। 55 लाख लोगों के राशन कार्ड की व्यवस्था की गई है। सबको स्मार्ट कार्ड दिया और अब मोबाइल कनेक्टिविटी देने का काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान में 30 लाख से ज्यादा आवेदन आए, जिनमें से 99 प्रतिशत आवेदनों का शिविर में ही समाधान किया।

प्रधानमंत्री आवास और उज्ज्वला के लिए सबसे ज्यादा आवेदन

डॉ. रमन ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास और उज्ज्वला के लिए सबसे ज्यादा आवेदन आए। कृषि योजनाओं के लिए भी आवेदन मिले हैं। शिकायतों में 19 प्रतिशत कमी आई है और मांगों की संख्या बढ़ी है।

सौभाग्य योजना का सबसे ज्यादा असर

डॉ. सिंह ने कहा कि सौभाग्य योजना का सबसे ज्यादा असर दिखा। उज्वला योजना में 18 लाख कनेक्शन दिए गए हैं। नियम बदलने से अब बहुत सारे लोग पात्र हो जाएंगे। स्वच्छता अभियान और मनरेगा में भी भुगतान की दिक्कत है, इसे अप्रैल तक ठीक कर दिया जाएगा। अभी जो शिकायतें आई हैं, उसकी समीक्षा करेंगे। मुख्य सचिव स्तर पर समीक्षा होगी और उनके निराकरण का उपाय किया जाएगा।

सीएम ने कहा कि इस सुराज अभियान के दौरान पीडीएस में एक भी शिकायत नहीं मिली। 100 प्रतिशत संतुष्टि है। सूखा राहत की राशि देने का काम शुरू हो गया है। 13 लाख 75 हजार लोगों को चरण पादुका दी गई है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में पूरा प्रशासन तंत्र लगा रहा और जन प्रतिनिधि भी गए। अब जन आशीर्वाद यात्रा को 10 अप्रैल तक बढ़ा रहे हैं। जनता के बीच जाने का अवसर मिला।

कई जगह सामने आई पानी की समस्या, होगा पुख्ता इंतजाम

मुख्यमंत्री ने कहा कि कई जगह पानी की समस्या आ सकती है। हमने इसके लिए पुख्ता इंतजाम करने कहा है। अब कॉलेज की मांग आती है, लेकिन हर जगह ये संभव नहीं हो सकता। मांगों का स्तर बढ़ा है। 15-20 प्रकार की शिकायत ज्यादा रही, जिसका स्थानीय स्तर पर निराकरण किया जा रहा है। मनरेगा में काम की मांग बढ़ी है। तालाब और डबरी बनाने की मांग आई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से चर्चा हुई है, उन्हें आंदोलन छोड़कर काम मे लगने कहा है।

विपक्ष को दिखाया आइना

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मंच साझा नहीं करने का निर्देश दिया था, फिर भी उनके नेता मंच पर आए उनकी समस्याओं का भी समाधान किया। मंच साझा नहीं करने का मतलब खुद को विकास से अलग करने जैसा है। अब अगली परीक्षा फाइनल परीक्षा है कोशिश करेंगे कि उसमें फर्स्ट डिवीजन पास हों, अब तक तीन बार पास की है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग सड़क पर जाकर पसीना बहाएं। फेसबुक, ट्वीटर और प्रेस कॉन्फ्रेंस से राजनीति नहीं होती। मई के तीसरे सप्ताह से विकास यात्रा का पहला चरण शुरू करूंगा। दूसरा चरण अगस्त में शुरू होगा जो सितंबर तक चलेगा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़क बनाने में जितना संघर्ष है, उतना दुनिया में कहीं नहीं होता। कुछ मापदंड में गरियाबंद में हम पीछे दिख रहे थे। कई जिलों में अलग-अलग कमी दिखी, उन जिलों को निर्देश दिए गए हैं।

विकास के लिए घर-घर पहुंची सरकार

बता दें कि मुख्यमंत्री ने इस अभियान के तीसरे चरण में हेलीकाप्टर से सात गांवों का आकस्मिक दौरा किया और चौपालों में ग्रामीणों से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने 25 समाधान शिविरों में भी आकस्मिक रूप से शामिल होेकर गांवों के विकास के लिए कई घोषणाएं की। डॉ. सिंह ने 12 जिला मुख्यालयों में सभी 27 जिलों के विकास कार्यों की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। उन्होंने 11 मार्च से 31 मार्च के बीच हेलीकाप्टर से प्रदेशभर में लगभग सात हजार 119 किलोमीटर का दौरा किया।

Tags

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *