छत्तीसगढ़

स्कूलों में मध्यान्ह भोजन के नमूनों की समय-समय पर जांच करें: डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम

पोषण आहार पर जोर देते हुए कहा

रायपुर:न्यू सर्किट हाउस रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने स्कूल शिक्षा विभाग के काम-काज की समीक्षा करते हुए पोषण आहार पर जोर देते हुए कहा कि स्कूलों में मध्यान्ह भोजन के नमूनों की समय-समय पर जांच करें।

बच्चों को मध्यान्ह भोजन निर्धारित माप-दण्ड के अनुसार मिले। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 10 आकांक्षीय जिलों में संचालित अमृत योजना में दूग्ध महासंघ द्वारा वितरित किए जाने वाले दूध से स्कूली बच्चों को सप्ताह में दो दिन खीर बनाकर दी जाएगी।

स्कूलों में पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था

उन्होंने कहा कि शासकीय हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी शालाओं में शाला प्रबंधन और विकास समितियों का गठन जल्द से जल्द पूर्ण किया जाए। जिन स्थानों में जल स्त्रोतों का जल पीने योग्य नहीं है, उन स्कूलों में पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।

उन्होने कहा कि स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने बैठक में जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा कि स्कूलों में किचन गार्डन की गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए।

दूसरे दिन बताया गया कि व्यापम द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग में रिक्त पदों पर ली गई परीक्षाओं में से व्याख्याता के लगभग 4000 पदों की भर्ती का परिणाम सबसे पहले घोषित होने वाला है। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारियों को व्याख्याताओं के शालावार और विषयवार रिक्तियों की जानकारी जल्द से जल्द संचालक लोक शिक्षण कार्यालय में प्रेषित करने के निर्देश दिए गए।

संचालक लोक शिक्षण एस. प्रकाश ने बैठक में उपस्थित जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा कि शिक्षा विभाग से संबंधित सभी जानकारियों को यूडाईस में अद्यतन करें। स्कूल शिक्षा विभाग के नवाचार टीम्स एप योजना के क्रियान्वयन हेतु जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सहायक संचालकों, शाखा प्रभारियों को प्रशिक्षण दिया जाए।

स्थानांतरण की जानकारी को 30 सितम्बर तक अद्यतन

विकासखण्ड, संकुल और विद्यालय स्तर के समस्त प्रशिक्षण की जिम्मेदारी एम.आई.एस. प्रशासक और प्रभारी प्रोग्रामर का प्रशिक्षण 30 सितम्बर तक पूर्ण कर लिया जाए। इस पोर्टल में स्थानांतरण की जानकारी को 30 सितम्बर तक अद्यतन कर लिया जाए।

सभी शिक्षकों को टीम्स टी एप में 28 सितम्बर तक पंजीयन, शिक्षकों से संबंधित जानकारी का संशोधन और प्रमाणिकरण का कार्य भी 30 सितम्बर तक कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों की जानकारी सर्वर में नहीं है, उनकी जानकारी निर्धारित प्रपत्र में 28 सितम्बर तक भेज दी जाए।

बैठक में उपस्थित माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव प्रोफेसर व्ही.के. गोयल ने जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा कि हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी बोर्ड परीक्षा केन्द्रों के लिए विधिवत प्रस्ताव 31 अक्टूबर तक भेज दिए जाएं।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष कक्षा 9वीं और कक्षा 11वीं की अर्ध वार्षिक परीक्षा होनी है। परीक्षा के प्रश्न पत्र स्कूलों तक पहुंचाने की व्यवस्था जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से की जाएगी।

बैठक में उपस्थित वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) पंकज राजपूत ने बताया कि राज्य वन प्राणी सप्ताह इस वर्ष 2 से 8 अक्टूबर तक होना है। इस दौरान निबंध, भाषण, चित्रकला और वाद-विवाद प्रतियोगिता विभिन्न विषयों पर आयोजित की जाएगी।

निबंध और भाषण प्रतियोगिता कक्षा 8 से कक्षा 12वीं तक के बच्चों के लिए और कक्षा 7वीं तक बच्चों के लिए चित्रकला की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।

4 हजार 899 बच्चों को निजी स्कूल में प्रवेश

बैठक में बताया गया कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत इस वर्ष निजी स्कूलों में 48 हजार 197 बच्चों को उनके विकल्प के आधार पर प्रवेश मिल चुका है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शिक्षा के अधिकार अधिनियम का दायरा बढ़ाने से कक्षा 8वीं के बाद इस वर्ष कक्षा 9वीं में अध्ययनरत 4 हजार 899 बच्चों को निजी स्कूल में प्रवेश दिया जा चुका है।

इसी प्रकार प्रदेश में संचालित 59 मॉडल स्कूलों में चालू शिक्षा सत्र में 8 प्रतिशत शासकीय कोटे में केजी वन से 9वीं कक्षा तक प्रवेश लिए बच्चों की जानकारी ली गई।

संभागीय शिक्षा अधिकारी वरिष्ठता सूची जारी

स्कूल शिक्षा विभाग की नवीन भर्ती पदोन्नति की समीक्षा करते हुए कहा कि संभागीय शिक्षा अधिकारी वरिष्ठता सूची जारी करने कहा गया। बस्तर, सरगुजा और माड़ा पॉकेट क्षेत्र में अतिथि शिक्षकों की भर्ती, स्थानांतरण-पद ग्रहण की स्थिति और उसके बाद रिक्त पदों की स्थिति की समीक्षा की गई।

बैठक में एकल शिक्षकीय शाला, अनुकम्पा नियुक्ति की स्थिति, शिक्षा कर्मी वेतन भुगतान, सफाई कर्मी के वेतन भुगतान, शालाओं में स्वास्थ्य परीक्षण के लिए संचालित चिरायु योजना, सोया मिल्क और पौष्टिक नाश्ता वितरण, साप्ताहिक आयरन-फोलिक एसिड, पूरक दवा वितरण कक्षा 8वीं से 12वीं तक, शाला उन्नयन और नवीन शाला खुलने के प्रस्ताव, गणवेश वितरण, निर्माण और मरम्मत कार्य, विद्युत व्यवस्था आदि के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।

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