पीरियड्स रिसर्च: पीरियड्स का खान-पान से होता है संबंध जाने कैसे..

एक समय अवधि के बाद महिलाओं के शरीर में हार्मोनल परिवर्तन होना स्भाविक है। हार्मोनल परिवर्तन के चलते है मासिक धर्म से गुजरना पड़ता है।

पीरियड्स रिसर्च: कुछ लड़कियों में पीरियड्य छोटी उम्र में आ जाते है जिस वजह उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लोगों का मनाना है कि पीरियड्स का वक्त से पहले या बाद में आना अनुवांशिक है लेकिन हाल में हुई एक स्टडी के मुताबिक, खान-पान का असर भी महिलाओं के पीरियड्स पर पड़ता है।

खान-पान से होता है संबंध
एक स्टडी में महिलाओं से खान-पान के बारे में सवाल किए गए। जिन महिलाओं की डाइट फलीदार सब्जियां थी, उनके पीरियड्स में एक से डेढ़ साल की देरी देखी गई। वहीं, जो महिलाएं अपनी डाइट में ज्यादा कार्बोहाइट्रेड वाले आहार लेती थी, उन्हें एक से डेढ़ साल पहले ही पीरियड्स का सामना करना पड़ा।

दरअसल, शोधकर्ताओं का कहना है कि फलीदार सब्जियां एंटिऑक्सिडेंट से भरपूर होती हैं जिसे खाने पीरियड्स देरी से आते है। दूसरी तरफ कार्बोहाइड्रेट इंसुलिन प्रतिरोधक के खतरे को बढ़ाता है जिससे सेक्स हार्मोन प्रभावित होते है और एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ता है। ऐसी स्थिति में पीरियड्स का चक्र भी प्रभावित होता है और वक्त से पहले पीरियड्स आने की संभावना भी बढ़ जाती है।

पीरियड्स की उम्र से जुड़ी है महिलाओं की सेहत

स्टडी के शोधकर्ता जेनेट कैड ने बताया है कि पीरियड्स की उम्र से महिलाओं की सेहत जुड़ी होती है। जिन महिलाओं को वक्त से पहले पीरियड्स आते है, उनमें दिल व हड्डी की बीमारियां होने की आशंका बढ़ जाती है। वहीं, जिन्हें देरी से पीरियड्स आते है, उनमें स्तन व गर्भाश्य कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

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