क्राइमराष्ट्रीय

शख्स ने कातिलों को अपने ही कत्ल की दी सुपारी, तीन आरोपी गिरफ्तार

अपने लाइफ इंश्योरेंस की रकम परिजनों को मिलने के लिए उठाया यह कदम

नई दिल्ली: कारोबारी ने अपने लाइफ इंश्योरेंस की रकम परिजनों को मिलने के लिए अपने ही कत्ल की साजिश रची. कातिल ने भी सुपारी की रकम मिलते ही अपने शिकार को मौत के घाट उतारा.

उधर हत्या को आत्महत्या करार देने के आरोपियों के मंसूबों पर उस समय पानी फिर गया जब कारोबारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है. पुलिस ने इसे आत्महत्या का नहीं बल्कि हत्या का मामला साबित कर तीन आरोपियों को धर दबोचा है.

कर्ज का बोझ

बताया जाता है कि दिल्ली के इस कारोबारी का बाजार में काफी अच्छा नाम और काम था. लेकिन लॉकडाउन के पहले से ही बाजार में आई गिरावट के चलते उस पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ते चला गया. उसे धीरे-धीरे कारोबार में घाटा होने लगा. और एक वक्त ऐसा आया कि उसका कारोबार औंधे मुँह गिर गया. यह कारोबारी चौतरफा कर्ज में डूब गया.

कर्ज चुकाने के लिए उसे ना तो बैंकों से कोई मदद मिली और ना ही बाजार से कोई व्यापारी मदद के लिए सामने आया. बल्कि कर्ज की अदाएगी को लेकर उस पर दबाव बढ़ता चला गया. इसी बात से परेशान होकर इस कारोबारी ने एक ऐसी साजिश रची, जिसे सुनकर पुलिस ही नहीं बल्कि हर कोई हैरान रह गया.

बताया जाता है कि हाल ही में 9 जून को दिल्ली के आनंद विहार इलाके में रहने वाले कारोबारी गौरव बंसल अचानक अपने घर से लापता हो गए. घरवालों ने उन्हें आस-पास तलाश किया, दोस्तों और रिश्तेदारों से उनके बारे में पूछताछ भी की.

लेकिन जब कोई खबर नहीं मिली तो पीड़ित परिवार ने गौरव के लापता होने की सूचना आनंद विहार थाने में दर्ज करवाई. उधर खोजबीन में जुटी पुलिस को एक अज्ञात लाश के बारे में सूचना मिली.

10 जून को दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल करने वाले ने बताया कि रणहौला इलाके में एक शख्स की लाश पेड़ से लटकी हुई है. सूचना मिलने पर पुलिस फौरन मौके पर पहुंची. पुलिस ने लाश को पेड़ से उतारा और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा.

इसी दौरान गुमशुदा व्यक्तियों के परिजनों को भी सूचना दी गई. मामले की छानबीन में जुटी पुलिस को शिनाख्त करने पर पता चला कि ये लाश उसी कारोबारी गौरव बंसल की है, जो दिल्ली के आनंद विहार इलाके से एक दिन पहले लापता हो गए थे.

आत्महत्या की गुत्थी

बताया जाता है कि पुलिस ने जब गौरव की लाश पेड़ से उतारी तो उसके दोनों हाथों की स्थिति और हालात देखकर उसे शक हो गया था कि मामला आत्महत्या का नहीं बल्कि हत्या का है. दोनों हाथ पीछे बंधे होने के बावजूद आत्महत्या की गुत्थी ने को उलझा दिया था. लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सुलझा दिया.

तफ्तीश में जुटी पुलिस को एक दिन मुखबिर से एक अहम सूचना मिली. इस कत्ल को लेकर पुलिस ने सूरज नाम के एक शख्स को अपनी हिरासत में लिया. सूरज ने इस कत्ल के बारे में खुलासा करते हुए बताया कि उसने एक युवक के कहने पर अपने साथी मनोज और सुमित के साथ मिलकर गौरव की हत्या की है.

सूरज की निशानदेही पर पुलिस ने उस युवक को भी धर दबोचा. पुलिस यह जानकर हैरत में पड़ गई कि यह युवक जांच में शातिर नाबालिग पाया गया. इस नाबालिग ने पुलिस को बताया कि खुद गौरव बंसल ने ही उसे अपनी हत्या की सुपारी दी थी.

उसके मुताबिक गौरव ने उसे वॉट्सऐप पर अपनी फोटो भेजी थी. फिर उसने वो तस्वीर इलाके के बदमाश सूरज को दी थी. सूरज ने गौरव की हत्या की साजिश रची थी. तय प्लान के मुताबिक गौरव बंसल रणहौला इलाके में पहुंचा और उसकी मौके पर ही हत्या कर दी गई.

हत्या को आत्महत्या करार देने के लिए उसे फांसी पर लटकाया गया. लेकिन जल्दबाजी में वे लोग उसके हाथ खोलना भूल गए. फ़िलहाल पुलिस हिरासत में आरोपियों से पूछताछ जारी है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक गौरव कर्ज में डूबा हुआ था. उसका प्लान था कि उसकी मौत के बाद उसे कर्ज से छुटकारा मिल जाएगा और इंश्योरेंस के पैसे उसके परिवार को मिल जाएंगे.

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