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पेट्रोल-डीजल के दाम जेब में लगा रहे आग, रोज बन रहा नया रिकॉर्ड

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत स्थिर रहने के बावजूद तेल कंपनियां लगातार पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ा रही हैं.

NEW DELHI: कोरोना से जूझ रही जनता अब पेट्रोलियम के बढ़ते भावों से भी त्रस्त नजर आ रही है. कोरोना का तो वैक्सीन भी आ गया लेकिन पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों का वैक्सीन सरकार के पास भी नहीं है. सरकार का पेट्रोलियम के दाम पर से नियंत्रण पूरी तरह हट चुका है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत स्थिर रहने के बावजूद तेल कंपनियां लगातार पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ा रही हैं.

पेट्रोल तेजी से सौ का आंकड़ा छूने को आतुर दिखाई दे रहा:

पेट्रोल तेजी से सौ का आंकड़ा छूने को आतुर दिखाई दे रहा है. आज पेट्रोल 26 पैसे और डीजल 28 पैसे की बढ़त के साथ शुरू हुआ. सर्दी और कोरोना संकट के दौर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि जारी है इससे आमजन मुश्किल में पड़ गया है. संकट के इस दौर में पेट्रोल-डीजल आम आदमी की पकड़ से बाहर होता जा रहा है. कोरोना संकट के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद भी देश और प्रदेश में पेट्रोल-डीजल के दाम में वृद्धि का दौर जारी है.

11 दिन में पेट्रोल जहां एक रुपए 59 पैसे लीटर महंगा:

पिछले 11 दिनों में जिस तरह से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि हो रही है उससे ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार का तेल कंपनियों पर नियंत्रण पूरी तरह समाप्त हो चुका है. इस अवधि में पिछले 11 दिन में पेट्रोल जहां एक रुपए 59 पैसे लीटर महंगा हुआ है वहीं डीजल की कीमतों में भी एक रुपए 65 पैसे की वृद्धि हुई है. पेट्रोल के दाम पहली बार 93 रुपए के पार पहुंचे हैं. पेट्रोल 93.22 रूपए के स्तर पर पहुंच गए हैं. वहीं डीजल के दाम में भी 85.29 रुपए का मुकाम हासिल किया है. इसका सीधा मतलब है कि कोरोना संकट के दौर में जहां लोगों के रोजगार छिन रहे हैं, वेतन भत्तों में कमी आई है उस दौर में पेट्रोल-डीजल की दरें बढ़ाकर आम आदमी की मानों कमर तोड़ दी गई है.

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